दिल्ली से गुड़गांव-रेवाड़ी के रास्ते राजस्थान के अलवर तक प्रस्तावित रीजनल रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम (आरआरटीएस) की राह का एक रोड़ा जल्द दूर हो जाएगा।
इसी कड़ी में सोमवार को उपायुक्त शेखर विद्यार्थी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया की तैयारियों के दिशा-निर्देश दिए।
उपायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि रूट प्लान और इससे प्रभावित होने वाली भूमिगत सुविधाओं के बारे में एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
उल्लेखनीय है कि यह सिस्टम रैपिड रेल का सबसे लंबा कॉरिडोर होगा जो एक साथ तीन राज्यों, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान को जोड़ेगा। कॉरिडोर की कुल लंबाई 180 किलोमीटर होगी। इसके लिए 19 स्टेशन बनाए जाएंगे।
प्रोजेक्ट पर 24, 595 करोड़ का संभावित बजट बनाया गया है। इस पर दौड़ने वाली रैपिड ट्रेन की रफ्तार 160 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।
इस लिहाज से दिल्ली से अलवर अब चार घंटे की बजाय महज 117 मिनट में पहुंचा जा सकेगा। इसके निर्माण की समयावधि छह साल निर्धारित की गई है। वर्ष 2015 में इसका निर्माण शुरू किया जाना है। यानी 2021 में एनसीआर के लोगों को यह बड़ी और नई सौगात मिलेगी।