वह दिन ज्यादा दूर नहीं जब साइबर सिटी की परिवहन व्यवस्था यूरोपीय देशों जैसी हो जाएगी। शहर की परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में प्रयास शुरू हो चुके हैं।
यहां की आंतरिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने का काम कहीं डीएमआरसी तो कहीं रैपिड मेट्रो की ओर से किया जा रहा है।
नगर निगम भी बंगलूरू की तर्ज पर यहां अत्याधुनिक सिटी बस चलाने की कोशिश में कदम आगे बढ़ा रहा है। वहीं केंद्र सरकार भी गुड़गांव में परिवहन को बेहतर बनाने के लिए लंदन के हीथ्रो शहर जैसा यहां मैट्रीनो (पॉड टैक्सी) भी चलाने जा रहा है।
इससे गुड़गांव पूरे एनसीआर से जुड़ जाएगा। सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था मजबूत होने से शहरवासियों को जाम के अलावा कई अन्य समस्याओं से निजात मिलेगी। साथ ही साथ गुड़गांव के प्रति लोगों का आकर्षण भी बढ़ेगा।
पुराने शहर में भी होगी मेट्रो सेवा
पुराने गुड़गांव में मेट्रो सेवा शुरू करने की दिशा में तेजी से कदम आगे बढ़ाए जा रहे हैं। हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन ने मेट्रो विस्तार के फिजीबिलिटी स्टडी की अनुमति दे दी है।
इसके लिए कॉरपोरेशन ने दो लाख रुपये प्रति किलोमीटर की दर से भुगतान को भी मंजूरी दे दी है। इसके लिए तीन संभावित रूटों पर इसकी संभावना तलाश की जाएगी।
रूट ऐसा होगा जिससे पुराने शहर के सभी सेक्टरों, कॉलोनियों और मोहल्लों में रहने वालों को फायदा हो। इससे बस अड्डा, रेलवे स्टेशन सहित पुराने गुड़गांव के तकरीबन सभी बाजार कनेक्ट हो जाएंगे।
आधुनिक होगी सिटी बस
मैट्रीनो योजना-
केंद्रीय परिवहन मंत्रालय की ओर से धौलाकुआं से गुड़गांव के मानेसर के बीच मैट्रीनो चलाने की योजना को आगे बढ़ा दिया है। यह मैट्रीनो लंदन के हीथ्रो शहर में चल रही है।
मैट्रीनो सुविधा शुरू होने से गुड़गांव का औद्योगिक हब सीधे दिल्ली से जुड़ जाएगा। मैट्रीनो चलने से दिल्ली-गुड़गांव एक्सप्रेसवे पर लगने वाला जाम हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगा। आने वाले छह माह में इस पर काम शुरू हो जाएगा।
एयरपोर्ट मेट्रो को शहर से जोड़ने की तैयारी-
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की योजना एयरपोर्ट मेट्रो से गुड़गांव को कनेक्ट करने की है। इसके लिए नए सिरे से डीपीआर तैयार करने को हरियाणा सरकार ने डीएमआरसी को निर्देश दिया है।
आधुनिक होगी सिटी बस सेवा-
कोलंबिया (बगोटा) के रहने वाले शहरी परिवहन विशेषज्ञ बैरियो हिंडाल्गो ने कुछ माह पहले गुड़गांव का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने सिटी बस सेवा को और आधुनिक बनाने की दिशा में सुझाव दिया था।