नई दिल्ली में युवाओं से हुई चुनावी चर्चा
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लोकसभा चुनाव 2024 के मद्देनजर अमर उजाला का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' गुरुवार को नई दिल्ली लोकसभा क्षेत्र में पहुंचा। यहां अमर उजाला ने सुबह 'चाय पर चर्चा' कार्यक्रम में लोगों से बातचीत के बाद दोपहर में युवाओं से चुनावी चर्चा की। इस बातचीत में यह जानने की कोशिश की गई कि युवा चुनाव को लेकर क्या विचार रखते हैं? उनके नजरिये से कितना विकास हुआ है और चीजें कितनी बदली हैं? इस बार किन बातों को ध्यान में रखकर वे वोटिंग करेंगे और उनके क्या मुद्दे हैं?
दिल्ली में सिविल सर्विस की तैयारी रहे झारखंड के अक्षय ने कहा सरकार राष्ट्र के विकास की बात करती है, इसके लिए जरूरी है कि हमें देखना चाहिए कि हमारा लक्ष्य क्या है। राष्ट्र के विकास के लिए जरूरी है कि देश के आमजन समृद्ध हों। अगर भारत के परिदृश्य में बात करें तो देश में युवाओं की आबादी अधिक है। ऐसे में ये देखना होगा कि क्या देश इस अवसर को भुना पा रहा है या नहीं। अक्षय ने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर आपके पास एक ब्लेजर है तो आप इसे अलमारी में रखना चाहेंगे या फिर आप किसी पार्टी में पहनकर जाना पसंद करेंगे। इसी तरह देश में युवा आबादी है तो इसका लाभ जरूरत पड़ने पर उठाना चाहिए।
शारिब ने कहा कि देश में युवा शिक्षित होते जा रहे हैं लेकिन देश के निर्माण में उनका इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। नई दिल्ली के कुछ इलाकों में नशा भी एक समस्या है। छोटे-छोटे बच्चे इसके आदी बन रहे। इसमें सबसे ज्यादा दोषी तो उन बच्चों के परिजनों फिर समाज और सरकार है। सरकार इस दिशा में प्रयास कर रही है लेकिन अभी और काम करना बाकी है। देश के विकास के लिए युवा आबादी को नशा रूपी संक्रमण से बचाना बहुत जरूरी है।
सालेहा ने कहा कि देश और विदेश के युवाओं से तुलना करें तो पाते हैं कि वहां के युवा हमसे ज्यादा स्किल्ड हैं। हम मूलभूत सुविधाओं के लिए ही लड़ते रहते हैं। आजकल राजनीति में धार्मिक घृणा को बढ़ावा दिया जा रहा है। राजनीतिक लोग समाज को ये बता रहे हैं कि क्या बुरा है लेकिन वे जो अच्छा है वो इस पर बात नहीं कर रहे हैं।