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Delhi Liquor Scam: हाईकोर्ट ने के कविता की जमानत याचिका पर सीबीआई से जवाब मांगा, 24 मई को होगी सुनवाई

Thu, 16 May 2024 03:10 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

दिल्ली उच्च न्यायालय ने उत्पाद शुल्क नीति मामले में बीआरएस नेता के कविता द्वारा दायर जमानत याचिका पर सीबीआई को नोटिस जारी किया।
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बीआरएस नेता के. कविता - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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उच्च न्यायालय ने गुरुवार को दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति मामले में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) नेता के कविता द्वारा दायर जमानत याचिका पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने कविता की उस याचिका पर भी सीबीआई से जवाब मांगा, जिसमें उन्होंने सीबीआई द्वारा उनकी गिरफ्तारी और उन्हें एजेंसी की हिरासत में भेजने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है।

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कविता ने दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की हैं। जहां एक निचली अदालत के उसे जमानत देने से इनकार करने के आदेश के खिलाफ अपील है, वहीं दूसरी गिरफ्तारी और रिमांड आदेश को चुनौती देने वाली रिट याचिका है। याचिका में उन्होंने ट्रायल कोर्ट द्वारा पारित आदेश को रद्द करने की भी मांग की है, जिसके द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उनकी गिरफ्तारी के बाद न्यायिक हिरासत में रहने के दौरान सीबीआई को उनसे पूछताछ करने की अनुमति दी गई थी।

कविता की याचिका के अनुसार ट्रायल कोर्ट द्वारा पारित आदेश आपराधिक कानून के प्रावधानों का उल्लंघन था और संविधान के तहत दिए गए अधिकारों के लिए अभिशाप है। उन्होंने अदालत को बताया कि 12 अप्रैल के रिमांड आवेदन के अवलोकन से यह भी स्पष्ट हो जाता है कि सीबीआई द्वारा जिन सभी सबूतों पर भरोसा किया गया है, उन्हें तुरंत एकत्र नहीं किया गया है और ईडी के साथ मिलीभगत से सीबीआई द्वारा अवैध रूप से बहुत पहले ही हासिल कर लिया गया था। इस प्रकार निश्चित रूप से उसे चल रहे आम चुनावों के लिए प्रचार करने से रोकने के अलावा गिरफ्तार करने का कोई तत्काल कारण नहीं था। दोनों याचिकाओं पर ईडी मामले में उनकी जमानत याचिका के साथ 24 मई को एक साथ सुनवाई होगी।
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उन्हें ईडी ने 15 मार्च को हैदराबाद से गिरफ्तार किया था, इन आरोपों के बाद कि वह कथित दिल्ली उत्पाद शुल्क घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शामिल थीं। ट्रायल कोर्ट ने 6 मई को सीबीआई और ईडी दोनों मामलों में उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी।

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