दिल्ली की अदालत ने दुष्कर्म मामले में लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के सांसद प्रिंस राज की अग्रिम जमानत याचिका पर सोमवार को फैसला सुरक्षित रख लिया और अब इसे लेकर मंगलवार(21 सितंबर) को फैसला आएगा। दिवंगत रामविलास पासवान के भतीजे और चिराग पासवान के चचेरे भाई प्रिंस राज बिहार के समस्तीपुर से सांसद हैं। अदालत के निर्देश पर नौ सितंबर को प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद प्रिंस राज ने अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की है।
राउज एवेन्यू अदालत के विशेष न्यायाधीश एमके नागपाल ने बचाव पक्ष व अभियोजन पक्ष के तर्क सुनने के बाद कहा कि वे अपना फैसला 21 सितंबर को देंगे। वहीं 17 सितंबर को हुई पिछली सुनवाई में पुलिस ने जमानत का विरोध करते हुए तर्क रखा कि आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ जरूरी है। शिकायतकर्ता के दावे के मुताबिक आरोपी से कथित आपत्तिजनक वीडियो क्लिप को बरामद किया जाना है।
शिकायतकर्ता और उसका दोस्त भी ले चुके हैं अग्रिम जमानत
वहीं पिछली सुनवाई में आरोपी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील विकास पाहवा और नितेश राणा ने पुलिस के तर्क का विरोध करते हुए कहा कि उनके मुवक्किल के खिलाफ फर्जी मामला बनाया गया। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता महिला व उसका दोस्त उनके मुवक्किल से 2020 से ही उगाही कर रहे हैं। इस सिलसिले में 10 फरवरी 2021 को संसद मार्ग थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। इस मामले में महिला व उसके दोस्त ने अदालत से अग्रिम जमानत ली है।
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उन्होंने कहा महिला ने धमकी दी थी कि अगर वह पैसे नहीं देते हैं तो उनकी छवि खराब कर देगी। उन्होंने कहा उनके मुवक्किल ने उसे दो लाख रुपये दे दिए लेकिन उगाही अब भी जारी है। वे एक करोड़ की मांग कर रहे हैं।
आरोपी पक्ष का दावा- पुलिस ने रिपोर्ट में इसे रंगदारी का मामला बताया है
आरोपी के वकील ने कहा कि महिला ने बाद में अपनी शिकायत पर राज के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए अदालत में याचिका दायर की और अदालत ने पुलिस से जांच रिपोर्ट मांगी थी। उन्होंने कहा कि अपनी रिपोर्ट में पुलिस ने अदालत को बताया है कि महिला की शिकायत पर कुछ नहीं मिला और यह रंगदारी का मामला है।
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याचिका में दावा किया गया है कि महिला और उसका दोस्त मामले का राजनीतिकरण करने की कोशिश कर रहे थे। राज को धमकी देने और पैसे मांगने के लिए उसकी बातचीत की रिकार्डिंग है। इतना ही नहीं मई में पुलिस के समक्ष खुद शिकायत देने के बाद महिला जांच में सहयोग करने के तहत पुलिस के सामने पेश नहीं हुई। उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किल ने अपना फोन और पुलिस द्वारा मांगे गए अन्य सबूत पहले ही सौंप दिए हैं और जांच में मदद कर रहे हैं।