संगीत के सुर तन-मन को भी स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। भागमभाग भरी जिंदगी में बढ़ते तनाव पर म्यूजिक थेरेपी के जरिए काबू पाया जा रहा है।
संगीत न सिर्फ आत्मशांति देता है बल्कि यह बीपी, माइग्रेन, परकिंसन, मूवमेंट डिसऑर्डर जैसी गंभीर बीमारियों में भी अचूक इलाज करता है।
संगीतकार संकल्प श्रीवास्तव बताते हैं कि तनाव व बीपी की परेशानी से निजात पाने के लिए चिकित्सक संगीत सुनने की सलाह देते हैं। ऐसे में उनके पास कई लोग ऐसे आते हैं जो अलग-अलग प्रोफेशन से जुड़े हैं, लेकिन स्वस्थ और सकारात्मक रहने के लिए म्यूजिक क्लास ज्वाइन की हुई है।
गांधर्व संगीत महाविद्यालय के सचिव तरुण गोयल बताते हैं कि अभिभावक बच्चों को जहां उनके करियर के लिए म्यूजिक की ट्रेनिंग दिलवाते हैं। दूसरी ओर बहुत से ऐसे लोग हैं, जो वोकल व इंस्ट्रूमेंटल म्यूजिक की क्लास तनावमुक्त रहने के लिए ले रहे हैं।
म्यूजिक थेरेपी पर डॉक्टर भी लगाते हैं मुहर
डा. ऐसे सिंह बताते हैं कि संगीत से मन में एकाग्रता आती है। संगीत सुनते वक्त शरीर की सभी ग्रंथियां एक्टिव व एकाग्र हो जाती है रक्त संचार भी सामान्य हो जाता है। ऐसे में संगीत सुनते वक्त व्यक्ति अनजाने में बिना हाथ पैर हिलाए एक्सरसाइज कर रहा होता है।