शादी में दूल्हे को घोड़ा बग्घी में बैठाने से पहले यह मालूम कर लें कि उसके पास नगर निगम का लाइसेंस है या नहीं।
लाइसेंस नहीं होने की सूरत में निगम उसे जब्त कर लेगी। भले ही उस वक्त उस पर दूल्हा बैठा हो। ऐसा नगर निगम की ओर से बग्घी को लाइसेंस देने की नीति कड़ाई से लागू करने के चलते होने वाला है।
दक्षिण दिल्ली नगर निगम ने अगस्त 2011 में एकीकृत नगर निगम में स्वीकृत घोड़ा बग्घी लाइसेंस नीति को लागू करने का फैसला किया है।
हालांकि इस नीति में कुछ संशोधन किए गए हैं। सोमवार को संशोधित नीति निगम की स्थायी समिति में पेश कर दी गई। जिसे मंगलवार को पास कर दिए जाने की संभावना है।
सूत्रों के मुताबिक संशोधित नीति में सभी घोड़ा बग्घी चलाने के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है। लाइसेंस नहीं होने पर घोड़ा बग्घी को जब्त किए जाने का सुझाव दिया गया है भले ही उस दौरान उस पर दूल्हा बैठा हो।
पकड़े जाने पर बग्घी चालक पर पांच हजार रुपये जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है। साथ ही लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं कराने पर भी प्रतिमाह पांच सौ रुपये का जुर्माना वसूले जाने की बात कही गई है।