अंगदान करने वाले और प्रत्यारोपण कराने वाले का ब्लड ग्रुप अब नहीं भी मिले, तब भी प्रत्यारोपण किया जा सकता है।
चिकित्सकों के लिए अब यह काम मुश्किल नहीं रहा। ब्लड ग्रुप नहीं मिलने के बावजूद एक व्यक्ति ने अपने बेटे को किडनी दान की। अंग प्रत्यारोपण करने के बाद मरीज अब पूरी तरह से स्वस्थ है।
विनीत (25) की किडनी खराब थी। उसे साकेत स्थित मैक्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। विनीत का ब्लड ग्रुप उसके घर वालों से नहीं मिल रहा था, जिसकी वजह से किडनी प्रत्यारोपण में दिक्कत आ रही थी।
इसके बाद मैक्स के नेफ्रोलॉजील विभाग के निदेशक और विभागाध्यक्ष डॉ. दिनेश खुल्लर ने बताया कि ओ पॉजिटिव ब्लड ग्रुप वाले विनीत को उसके पिता ने किडनी दान की, जिसका ब्लड ग्रुप बी पॉजिटिव है।
इसके लिए मरीज का कॉलूम्न तकनीक से प्लाज्मा एक्सचेंज किया गया। खुल्लर ने बताया कि इस तकनीक से प्लाज्मा एक्सचेंज के बाद ओ पॉजिटिव ब्लड ग्रुप वाले मरीज को ए, बी, बी पॉजिटिव और एबी ब्लड ग्रुप वाले व्यक्ति अंगदान कर सकते हैं।