5 % की दर से बढ़ रहे मरीज हर साल
सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के विशेषज्ञ डॉ. शुभम गर्ग ने कहा कि मरीजों में कई तरह के कैंसर हैं। इनमें स्तन, सर्वाइकल कैंसर, हेड एंड नेक व लंग्स कैंसर सबसे ज्यादा हैं। बढ़ते प्रदूषण के कारण लंग्स कैंसर अब नॉन स्मोकर में भी दिखने लगा है। हर साल पांच फीसदी तक कैंसर के मरीज बढ़ रहे हैं। इनकी रोकथाम के लिए जांच और इलाज को बढ़ाना होगा।
मेक इन इंडिया पर बढ़े शोध
देश में कैंसर के इलाज व जांच के लिए मेक इन इंडिया मशीनों की संख्या बढ़ने लगी हैं। लेकिन इनकी सटीकता की जांच के लिए शोध को बढ़ावा देना होगा। इसके परिणाम आने में अभी लंबा समय लगेगा। ऐसे में मौजूदा एडवांस मशीन की संख्या भी बढ़ानी होगा। जिससे इलाज और जांच में तेजी आ सकें। डॉ. रावल का कहना है कि वह अमेरिकन और भारतीय मशीनों के परिणाम का तुलनात्मक अध्ययन कर रहे हैं।
सब्सिडी दे सरकार
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने कहा कि सरकार को इलाज की मशीन लाने के लिए सब्सिडी देनी चाहिए। देशभर में अभी रेडिएशन की कुल 640 मशीन हैं, जबकि जनसंख्या के आधार पर यह 1400 होनी चाहिए। यह मशीनें विदेश से आती हैं और सरकार इनपर काफी भारी टैक्स लगाती है। इनके दाम को कम करने के लिए सरकार को छूट देना चाहिए ताकि मशीनों की संख्या बढ़े।