दिल्ली में लंबित मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए सरकारी वकीलों की नियुक्ति के प्रस्ताव को उपराज्यपाल ने मंजूरी दे दी है।
इससे दिल्ली की विभिन्न अदालतों में सहायक सरकारी वकील, अतिरिक्त सरकारी वकील और मुख्य अभियोजक की नियुक्ति का रास्ता खुल गया है। दिल्ली सरकार के अतिरिक्त गृह सचिव जीपी सिंह के मुताबिक, सारी नियुक्तियां गैर योजनागत स्कीम में होंगी।
इससे 23 सहायक सरकारी वकील, 31 अतिरिक्त सरकारी वकील और एक मुख्य अभियोजक की तैनाती हो सकेगी। जल्द ही इसकी प्रक्रिया शुरू होगी।
दरअसल, दिल्ली के अभियोजन निदेशालय ने अदालतों में सरकारी वकीलों की नियुक्ति की मांग करते हुए प्रस्ताव तैयार किया था। निदेशालय की दलील थी कि नई अदालतों के बनने से सरकारी वकीलों की संख्या कम हो गई है।