2015 से 2021 के दौरान खाली जमीन बताकर इसे निजी संस्थाओं को हस्तांतरित करने में अनियमितता के आरोप में उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने अतिरिक्त जिलाधिकारी (एडीएम) नागेंद्र शेखरपति त्रिपाठी को निलंबित कर दिया है।
जमीन हस्तांतरण के कथित घोटाले में लिप्त दिल्ली सरकार के तीन अधिकारियों के निलंबन के बाद उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने अतिरिक्त जिलाधिकारी (एडीएम) नागेंद्र शेखरपति त्रिपाठी को भी निलंबित करने की सिफारिश गृह मंत्रालय से की है। सूत्रों के मुताबिक, 2015 से 2021 के दौरान खाली जमीन बताकर इसे निजी संस्थाओं को हस्तांतरित करने में अनियमितता का आरोप है।
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तीन अधिकारियों में दो एसडीएम सहित एक वरिष्ठ अधिकारी को मंगलवार को एलजी ने निलंबित कर दिया था। सभी अधिकारियों पर आरोप है कि अलग-अलग समय में अलीपुर के एसडीएम के पद पर रहते हुए कथित तौर पर खाली सरकारी जमीन का स्वामित्व निजी संस्थाओं के नाम करने के आदेश दिए थे। सूत्रों के मुताबिक, चारों अधिकारियों ने सरकारी जमीन पर भूमिदारी का हक निजी संस्थाओं को स्थानांतरित किया था। निलंबित अधिकारियों में हर्षित जैन, प्रकाश चंद ठाकुर और देवेंद्र शर्मा के नाम शामिल थे।
झंगोला गांव का मामला
विचाराधीन भूमि के कुछ हिस्से रिफैत के पुत्र कर्मू के थे। उत्तरी दिल्ली जिले के गांव झंगोला की जमीन के मालिक के पाकिस्तान चले जाने के बाद उसे खाली जमीन घोषित कर दिया था।