फर्जी डिग्री मामले में दिल्ली सरकार के कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर की मुसीबतें बढ़ गई हैं। दिल्ली बार काउंसिल ने उनकी डिग्री संबंधी दस्तावेजों की जांच दक्षिणी दिल्ली पुलिस को सौंप दी है।
हाल ही में बार काउंसिल ने जितेन्द्र सिंह तोमर के उस आग्रह को खारिज कर दिया था कि डिग्रियां पेश करने के लिए चार से छह माह का समय दिया जाए। बार काउंसिल ने सोमवार को 27 मई तक उन सभी मूल दस्तावेजों को पेश करने का निर्देश दिया था।
जिन दस्तावेजों की प्रतियां उन्होंने अपने पंजीकरण के दौरान जमा की थी। बार काउंसिल के सचिव पुनीत मित्तल ने बताया कि काउंसिल के पास आई शिकायत व पेश दस्तावेजों से प्रथमदृष्टया यह स्पष्ट है कि तोमर ने जो दस्तावेज जमा कराये हैं वह फर्जी है।
उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट ने पूरे मामले की जांच कर 20 अगस्त तक रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा था और अभी तक कई नोटिस के बावजूद तोमर ने जवाब दाखिल नहीं किया है।