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Kidney Stone: बिना चीरा लगाए किडनी में स्टोन और प्रोस्टेट की होगी लेजर सर्जरी, यहां मुफ्त मिलेगी सुविधा

Sat, 03 Aug 2024 07:33 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

इस सर्जरी के बाद मरीजों की रिकवरी बेहतर होगी। पहले दिन बाहर से आए विशेषज्ञों ने विभाग के डॉक्टरों को प्रशिक्षण दिया।चार ओटी में करीब 16 सर्जरी की गईं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : istock
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विस्तार
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किडनी में दो सेंटीमीटर तक स्टोन और बढ़े हुए प्रोस्टेट की सर्जरी के लिए चीरा लगाने की जरूरत नहीं रहेगी। इस सर्जरी के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के यूरोलॉजी विभाग में लेजर सर्जरी की सुविधा शुरू हुई। यह एडवांस सुविधा है। इसमें लेजर किरणों की मदद से बड़े हुए विकार का इलाज किया जाता है। सोमवार से अस्पताल के विभाग में मरीजों को यह सुविधा मुफ्त में मिलेगी। जबकि निजी अस्पतालों में इस सुविधा के लिए दो लाख रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं।

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दरअसल, शनिवार को अस्पताल के निदेशक डॉ. अजय शुक्ला ने विभाग में एडवांस एंडोयूरोलॉजिकल यूनिट का उद्घाटन किया। इस यूनिट में एडवांस लेजर सर्जरी की सुविधा मिलेगी। यूनिट के उद्घाटन के दौरान शनिवार को सुबह साढ़े नौ बजे से शाम छह बजे तक चार ऑपरेशन थियेटर करीब 16 सर्जरी की गई। इन सर्जरी को बाहर से आए विशेषज्ञ की देखरेख में किया गया। इन्हें देख विभाग के डॉक्टरों ने प्रशिक्षण भी लिया।

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मूत्रविज्ञान और गुर्दा प्रत्यारोपण विभाग के अध्यक्ष डॉ. हेंमत कुमार गोयल ने बताया कि पारंपरिक तरीके से पथरी निकालने के लिए पीठ पर छोटा सा छेद कर लेप्रोस्कोपी तकनीक से सर्जरी की जाती है। इस तकनीक में घाव भरने में समय लग जाता था। लेकिन लेजर सर्जरी में पेशाब की नलकी के रास्ते एक फाइबर को किडनी तक ले जाया जाएगा। इसकी मदद से लेजर की हाई किरणों को उक्त पथरी पर डाल कर तोड़ दिया जाता है। इस पूरी सर्जरी को करने में करीब 90 से 100 मिनट का समय लगता है। ठीक इसी तरह से बड़े हुए प्रोस्टेट की भी सर्जरी होगी। जबकि पुराने तरीके में बढ़े हुए प्रोस्टेट के लिए दो बार सर्जरी करनी पड़ती थी। लेजर की मदद से एक बार में ही पूरी सर्जरी हो जाएगी। इससे मरीज का समय बचेगा।

खानपान का रखें ध्यान
किडनी में स्टोन को बनने से रोकने के लिए खान-पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। डॉ. हेंमत का कहना है कि 0.8 सेंटीमीटर तक के स्टोन को बिना दवाओं से निकाला जा सकता है। आकार बढ़ने पर समस्या बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि यदि हम अपना खान-पान सही रखते हैं, पर्याप्त पानी पीते हैं तो किडनी में स्टोन बनने की आशंका ही नहीं रहेगी।

आने वाले दिनों में कम होगी वेटिंग
विभाग में अभी सर्जरी के लिए आठ माह से एक साल की वेटिंग है। आने वाले दिनों में सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक (एसएसबी) बनने के बाद ओटी की संख्या बढ़ जाएगी। उम्मीद की जा रही है कि वेटिंग का समय 30 फीसदी तक कम हो जाएगा। इससे विभाग में हर साल आने वाले हजारों मरीजों को सुविधा मिलेगी।
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अस्पताल में आते हैं गंभीर मरीज
आरएमएल अस्पताल में देशभर से गंभीर मरीज आते हैं। विभाग में आने वाले अधिकतर मरीज रेफर मरीज होते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि नई तकनीक सस्ती है। साथ ही इसके उपकरण भी सस्ते हैं। ऐसे में इनपर सर्जरी करने से डॉक्टरों का प्रशिक्षण भी होगा। इसकी मदद से आने वाले दिनों में प्रशिक्षित डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी। इससे गंभीर मरीजों को फायदा होगा।
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