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केएमपी एक्सप्रेस-वे का निर्माण जल्द

Tue, 18 Nov 2014 07:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
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गुड़गांव के केंद्र और हरियाणा में नई सरकार आने के बाद अब लगभग दो वर्षों से बंद पड़े कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य में तेजी आ सकती है। इस आशय का संकेत केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने दिया है।
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एक्सप्रेस-वे निर्माण में देरी से ग्लोबल सिटी बसाने का सपना भी अधूरा पड़ा हुआ है। कई ऐसे प्रोजेक्ट भी केएमपी के अधूरा रहने से अधर में हैं। शहर के सेक्टर-17 स्थित हिपा में सोमवार को आदर्श गांव योजना के कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे गुर्जर ने कहा कि केएमपी एक्सप्रेस-वे का ठप पड़ा काम जल्द शुरू हो जाएगा। इस दिशा में प्रयास चल रहे हैं।

यहां मीडिया के साथ बातचीत में उन्होंने माना की केएमपी के काम में पहले ही काफी विलंब हो चुका है। केएमपी के काम में कहां अड़चन है, इसका पता लगाकर फिर से काम शुरू कराने के लिए वह राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को पत्र लिखेंगे। गुर्जर ने कहा कि विकास को गति देने के लिए केएमपी का जल्द पूरा होना जरूरी है।
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कार्यों को लेकर केंद्र और राज्य से संवाद कायम करने का भी प्रयास किया जाएगा। इस एक्सप्रेस-वे का काम अगर पूरा हो गया होता तो गुड़गांव की ही नहीं, पूरे हरियाणा की तस्वीर बदल गई होती। केएमपी रूट पर विश्वस्तरीय कई प्रोजेक्ट प्रस्तावित हैं। केएमपी का जितना काम हो चुका है, वह भी बदहाल स्थिति में है। मेवात क्षेत्र में कई पुल में दरारों की शिकायत आई थी।
क्या है केएमपी...गुड़गांव में 2,200 करोड़ रुपये के केएमपी एक्सप्रेस-वे का काम वर्ष 2007 में शुरू हुआ था। इसका मकसद देश के चार बड़े नेशनल हाईवे को एक साथ जोड़ने का था। इसे पहले कॉमनवेल्थ गेम्स तक पूरा करने का लक्ष्य था। डेडलाइन मिस होने के बाद कई और डेडलाइन तय हुई पर काम पूरा नहीं हो सका। गुड़गांव ही नहीं दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के उद्यमियों को भी इस प्रोजेक्ट के पूरा होने का इंतजार है।
एक नजर में •लंबाई 135.6 किलोमीटर •आधिकारिक रूप से इसे वेस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे कहा जाता है •इसका निर्माण तीन सेक्शन में हो रहा है •हर सेक्शन की लंबाई तकरीबन 45 किलोमीटर है •इसमें चार नेशनल हाईवे (एनएच-1, 2, 8 व 10) •52 अंडर पासेज, 23 ओवर पासेज, 16 अंडर क्रॉसिंग •33 एग्रीकल्चर वाहनों के लिए अंडर पास •31 कैटल क्रॉसिंग, 04 रेलवे ओवर ब्रिज, 18 बड़े और छोटे पुल •292 जल निकासी के स्थान, 02 ट्रक पार्किंग
अन्य प्रोजेक्ट फाइनेंशियल हब, सॉफ्ट ट्रेडिंग सेंटर, आईटी फैसीलिटी सेंटर, वोकेशनल सेंटर (अपैरल, मैन्युफैक्चरिंग और फैब्रिक संस्थान), आरएंडडी संस्थान, राजीव गांधी एजूकेशन सिटी, अर्बन कांप्लेक्स, इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप, कुंडली में फूड पार्क, उद्योग विहार में जेम्स एंड जूलरी पार्क, अपैरल पार्क (एक गुड़गांव दूसरा बाहरी सोनीपत में), बहादुरगढ़ में फुटवियर एंड लेदर गारमेंट पार्क
देरी से लटके ये प्रोजेक्ट •280 हेक्टेयर की लेदर सिटी (तावडू) •मेडिकल सिटी (मेवात-गुड़गांव) •220 हेक्टेयर की फैशन सिटी (सोहना) •एनएच-8 पर 140 हेक्टेयर की इंटरटेनमेंट सिटी •750 हेक्टेयर की लेजर सिटी •260 हेक्टेयर की दिल्ली के प्रगति मैदान की तर्ज पर वर्ल्ड ट्रेड सेंटर •दिल्ली की आजादपुर की तर्ज पर रिटेल मंडी (एनएच-8)
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