पीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान अस्पताल प्रशासन के तर्क को खारिज करते हुए कहा कि अस्पताल प्रशासन यदि बुधवार से तय शर्त के अनुसार गरीब मरीजों को निशुल्क इलाज प्रदान करना शुरु करता है तो पिछला बकाया माफ कर दिया जाएगा।
उच्च न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए राजीव गांधी कैंसर संस्थान और अनुसंधान केंद्र में ईडब्ल्यूएस श्रेणी के मरीजों को निशुल्क इलाज प्रदान का निर्देश दिया है। अदालत ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ऐसा न किया गया तो अस्पताल प्रशासन से पिछले 20 वर्ष के इलाज के रूप में पैसे की रिकवरी का आदेश जारी किया जाएगा।
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मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की पीठ ने इस बात पर कड़ी नाराजगी जताई कि अस्पताल प्रशासन ने डीडीए से ईडब्ल्यूएस श्रेणी के 25 प्रतिशत मरीजों को निशुल्क इलाज देने के नाम पर सस्ती दरों पर भूमि ली थी, लेकिन जमीन लेने के समय से शर्त का पालन नहीं किया। पीठ ने कहा, यह सरासर गरीब मरीजों से धोखा है और डीडीए द्वारा तय शर्ताें का भी उल्लंघन है।
पीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान अस्पताल प्रशासन के तर्क को खारिज करते हुए कहा कि अस्पताल प्रशासन यदि बुधवार से तय शर्त के अनुसार गरीब मरीजों को निशुल्क इलाज प्रदान करना शुरु करता है तो पिछला बकाया माफ कर दिया जाएगा।