दिल्ली की राजनीति में इन दिनों एसी धरना ड्रामा जोरों पर है। एक ओर तो दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल के आवास पर लगातार तीसरे दिन भी हाईवोल्टेज सियासी ड्रामा जारी है। जहां मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एलजी दफ्तर में सोमवार शाम 6 बजे से धरने पर हैं, वहीं दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन के बाद मनीष सिसोदिया ने भी भूख हड़ताल शुरू कर दी है। वहीं दूसरी ओर सीएम आवास पर बुधवार से भाजपा नेता और आम आदमी पार्टी के बागी मंत्री कपिल मिश्रा धरने पर बैठ गए हैं।
यही नहीं आज शाम आम आदमी पार्टी ने सीएम निवास से एलजी निवास तक मार्च भी निकाला जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। आप के इस मार्च में बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा भी शामिल हुए। उन्होंने मार्च में शामिल लोगों को संबोधित करते हुए कहा, 'एलजी क्या है, वह तो एक सरकारी बाबू है, उसे जो आदेश मिलेगा वही करेगा।'
सीएम आवास पर धरने पर बैठे नेताओं का कहना है कि वह दिल्ली की जनता को पानी और बिजली की मांग के लिए धरने पर बैठे हैं। जब दिल्ली के लोगों को बिजली और पानी नहीं मिलता तब तक वह सीएम आवास से धरने से नहीं उठेंगे।
वहीं कुमार विश्वास ने केजरीवाल और उनके मंत्रियों के धरने पर तंज कसते हुए अपने ही अंदाज में शायरी ट्वीट की है। कुमार विश्वास ने लिखा है-
बाक़ी तो सब है इस तमाशे में ,
सिर्फ़ ग़ायब हैं कथ्य की बातें !
क्या ग़ज़ब दौर ए बेहयाई है ,
झूठ के मुँह से सत्य की बातें ?
धरने के तीसरे दिन उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी अधिकारियों की हड़ताल खत्म कराने के लिए अनिश्चित कालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इससे पहले जब मंगलवार को जब धरने को 18 घंटे हो गए थे तो स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गए थे।
अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल को लेकर ट्वीट करते हुए सिसोदिया ने लिखा- दिल्ली की जनता को उसका हक दिलाने और उसके रुके हुए काम कराने के लिए आज से मैं भी अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ रहा हूं। सत्येंद्र जैन जी का अनशन भी कल से जारी है। हमारा आत्मबल और जनता का विश्वास ही हमारी ताकत है।
राजनिवास में बैठे मुख्यमंत्री व उनके सहयोगियों ने सोशल मीडिया पर बार-बार उपराज्यपाल से मुलाकात करने की अपील की। साथ ही चेतावनी भी दी कि बगैर मांग पूरी हुए वह वापस लौटने को तैयार नहीं हैं।
दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल के आवास पर लगातार तीसरे दिन भी हाईवोल्टेज सियासी ड्रामा जारी है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने तीन कैबिनेट सहयोगियों के साथ धरने पर बैठे रहे।