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48 घंटे से राजनिवास पर जारी केजरीवाल और मंत्रियों का धरना, AAP के मार्च में पहुंचे यशवंत सिन्हा

Thu, 14 Jun 2018 09:44 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
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kejriwal - फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली की राजनीति में इन दिनों एसी धरना ड्रामा जोरों पर है। एक ओर तो दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल के आवास पर लगातार तीसरे दिन भी हाईवोल्टेज सियासी ड्रामा जारी है। जहां मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एलजी दफ्तर में सोमवार शाम 6 बजे से धरने पर हैं, वहीं दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन के बाद मनीष सिसोदिया ने भी भूख हड़ताल शुरू कर दी है। वहीं दूसरी ओर सीएम आवास पर बुधवार से भाजपा नेता और आम आदमी पार्टी के बागी मंत्री कपिल मिश्रा धरने पर बैठ गए हैं।
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यही नहीं आज शाम आम आदमी पार्टी ने सीएम निवास से एलजी निवास तक मार्च भी निकाला जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। आप के इस मार्च में बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा भी शामिल हुए। उन्होंने मार्च में शामिल लोगों को संबोधित करते हुए कहा, 'एलजी क्या है, वह तो एक सरकारी बाबू है, उसे जो आदेश मिलेगा वही करेगा।'


सीएम आवास पर धरने पर बैठे नेताओं का कहना है कि वह दिल्ली की जनता को पानी और बिजली की मांग के लिए धरने पर बैठे हैं। जब दिल्ली के लोगों को बिजली और पानी नहीं मिलता तब तक वह सीएम आवास से धरने से नहीं उठेंगे।
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वहीं कुमार विश्वास ने केजरीवाल और उनके मंत्रियों के धरने पर तंज कसते हुए अपने ही अंदाज में शायरी ट्वीट की है। कुमार विश्वास ने लिखा है-
बाक़ी तो सब है इस तमाशे में ,
सिर्फ़ ग़ायब हैं कथ्य की बातें !
क्या ग़ज़ब दौर ए बेहयाई है ,
झूठ के मुँह से सत्य की बातें ?

धरने के तीसरे दिन उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी अधिकारियों की हड़ताल खत्म कराने के लिए अनिश्चित कालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इससे पहले जब मंगलवार को जब धरने को 18 घंटे हो गए थे तो स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गए थे।

अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल को लेकर ट्वीट करते हुए सिसोदिया ने लिखा- दिल्ली की जनता को उसका हक दिलाने और उसके रुके हुए काम कराने के लिए आज से मैं भी अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ रहा हूं। सत्येंद्र जैन जी का अनशन भी कल से जारी है। हमारा आत्मबल और जनता का विश्वास ही हमारी ताकत है।

राजनिवास में बैठे मुख्यमंत्री व उनके सहयोगियों ने सोशल मीडिया पर बार-बार उपराज्यपाल से मुलाकात करने की अपील की। साथ ही चेतावनी भी दी कि बगैर मांग पूरी हुए वह वापस लौटने को तैयार नहीं हैं।

दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल के आवास पर लगातार तीसरे दिन भी हाईवोल्टेज सियासी ड्रामा जारी है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपने तीन कैबिनेट सहयोगियों के साथ धरने पर बैठे रहे।

हड़ताल पर केजरीवाल और उनके मंत्री
राजनिवास में बैठे मुख्यमंत्री व उनके सहयोगियों ने सोशल मीडिया पर बार-बार उपराज्यपाल से मुलाकात करने की अपील की। साथ ही चेतावनी भी दी कि बगैर मांग पूरी हुए वह वापस लौटने को तैयार नहीं हैं।

 उधर, उपराज्यपाल की तरफ से सकारात्मक जवाब न मिलने से नाराज दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन ने अनशन शुरू कर दिया है। वहीं, पार्टी रणनीतिकारों का मानना है कि केजरीवाल आंदोलन से निकले नेता हैं।

सड़क की लड़ाई में उनसे पार पाना आसान नहीं है। आंदोलन के जोर पकड़ने पर उपराज्यपाल को अपनी गलती का अहसास हो जाएगा। मंगलवार को अरविंद केजरीवाल की सुबह की शुरुआत दिल्ली वालों से गुड मार्निंग के साथ हुई। करीब 6.27 बजे केजरीवाल ने ट्वीट किया कि मेरे प्यारे दिल्लीवासियों। सुप्रभात। संघर्ष जारी है। 

वहीं, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने उपराज्यपाल को गुड मार्निंग करते हुए लिखा कि श्रीमान, दिल्ली के मुख्यमंत्री अपने तीन मंत्रियों के साथ वेटिंग रूम में सोमवार से इंतजार कर रहे हैं।

उम्मीद है कि मंगलवार को उपराज्यपाल अपने व्यस्त समय में से कुछ वक्त निकालकर तीनों मांगों का समाधान निकालेंगे। तब तक सब उनका इंतजार कर रहे हैं।

kejriwal - फोटो : अमर उजाला
इसके बाद दिनभर नियमित तौर पर मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों ने सोशल मीडिया के जरिये अपना संवाद जारी रखा। वहीं, करीब 11 बजे केजरीवाल ने एक वीडियो संदेश जारी किया। कहा, हमने अधिकारियों से समझौते की हर कोशिश की। मगर अधिकारी काम करने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने हड़ताल जैसी स्थिति बना रखी है।

वहीं, उपराज्यपाल साहब गरीबों के लिए फायदेमंद डोर स्टेप डिलीवरी योजना को मंजूरी नहीं दे रहे हैं। दिल्ली की जनता के हक और विकास के लिए बड़े से बड़े संघर्ष के लिए हम तैयार हैं। दिल्ली के मंत्रियों के पास एलजी हाउस पर बैठने के अलावा दूसरा विकल्प नहीं है।      
      
मुख्यमंत्री की ये हैं तीन मांग:
- दिल्ली सरकार में कार्यरत भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों की हड़ताल खत्म कराई जाए।      
- काम रोकने वाले आईएएस अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।       
- डोर स्टेप डिलीवरी ऑफ राशन सप्लाई स्कीम को मंजूर किया जाए।    
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kejriwal - फोटो : अमर उजाला
मुख्य सचिव बोले, हड़ताल पर नहीं अधिकारी
दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश का कहना है कि दिल्ली में कोई अधिकारी या कर्मचारी 19 फरवरी की आधी रात को सीएम आवास पर मारपीट की घटना के बावजूद हड़ताल पर नहीं हैं।

घटना के बाद अधिकारियों ने उपराज्यपाल, गृहमंत्री, कैबिनेट सचिव से मुलाकात के अलावा कैंडल मार्च भी निकाला था लेकिन काम प्रभावित नहीं किया। यहां तक कि छुट्टी के दिन भी कई बार काम किया। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने एक बार बैठक का संदेश भेजा लेकिन फिर बाद में मुलाकात का टाइम नहीं दिया। न ही उनकी तरफ से मामला सुलझाने का कोई प्रयास किया गया।      

आज मार्च निकालने का फैसला
राजनिवास में मुख्यमंत्री के धरने के बीच मंगलवार शाम आप विधायकों ने मुख्यमंत्री आवास पर बैठक की। इस मौके पर आंदोलन की दशा-दिशा तय करने के बारे में रणनीति तैयार की गई। पार्टी ने फैसला किया कि आज मुख्यमंत्री आवास से राजनिवास की तरफ विधायक मार्च करेंगे। दूसरी तरफ, पार्टी ने फैसला किया कि आंदोलन से दिल्लीवासियों को जोड़ा जाएगा।

दिल्ली की सभी विधानसभाओं से आप कार्यकर्ता, पार्टी पदाधिकारी समेत आम लोगों से अपील की जा रही है कि वह बुधवार को मार्च में शामिल हों। लोगों को संदेश भेजा रहा है कि वह दिल्ली को उपराज्यपाल की गिरफ्त से निकालने के आंदोलन के साझीदार बनें।

बैठक के बाद आप के वरिष्ठ नेता पंकज गुप्ता ने बताया कि बुधवार शाम चार बजे दिल्ली की जनता मुख्यमंत्री आवास पर एकत्रित होगी। यहां से मार्च करते हुए आप के सभी मंत्री, विधायक और दूसरे पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता राजनिवास की तरफ रवाना होंगे।
 
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