दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के एक ऑफर से दिल्ली भाजपा को शर्मिंदगी उठानी पड़ सकती है। दरअसल केजरीवाल ने पंडित पंत मार्ग स्थित प्रदेश भाजपा के ऑफिस में खुद टॉयलेट बनवाने की पेशकश की है।
एनडीएमसी के चेयरमैन को लिखे पत्र में केजरीवाल ने कहा है कि प्रदेश भाजपा के ऑफिस में महिलाओं के लिए टॉयलेट की सुविधा बेहद खराब है, इसलिए वह खुद इसमें सुधार के प्रयास करना चाहते हैं।
बता दें कि 15 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से स्वच्छ भारत मिशन शुरू करने का ऐलान किया था, उसके दो दिन बाद ही प्रदेश भाजपा कार्यालय में टॉयलेट की बदहाली की रिपोर्ट पेश की गई थी, फिर भी अब तक इस पर कोई कदम नहीं उठाए गए।
तो इसलिए केजरीवाल ने की पेशकश?
अपने पत्र में केजरीवाल ने कहा है कि प्रदेश भाजपा का कार्यालय नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में आता है, यहां से वह खुद विधायक हैं। अगर भाजपा को कोई परेशानी न हो तो वह विधायक स्थानीस विकास फंड के जरिए यहां टॉयलेट का निर्माण करा सकते हैं।
उन्होंने कहा, हालांकि यह उनकी विपक्षी पार्टी का कार्यालय है लेकिन वह राजनीति से ऊपर उठकर वहां महिलाओं के लिए अपने विधायक फंड से वहां बॉयो संयंत्र से युक्त चार यूनिट टॉयलेट का बनवा सकते हैं।
बता दें कि प्रदेश भाजपा कार्यालय के टॉलेट की हालत इतनी खराब है कि यहां काम करने वाली महिला कार्यकर्ताओं को दूसरी जगहों पर जाना पड़ता है।
'अपनी चिंता करें केजरी'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से स्वच्छ भारत अभियान की शुरूआत करने के बाद अब भाजपा कार्यालय में टॉयलेट की ऐसी बदहाली से पार्टी की आलोचना होना वाजिब है। पार्टी कार्यालय में सफाई और स्वच्छता की व्यवस्था न होना चिराग तले अंधेरा होने की कहावत चरितार्थ कर रहा है।
अगस्त महीने में जब पहली बार यह मामला उठाया गया था तो प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने कहा था कि उन्हें इसकी सूचना मिली है वह जल्द ही इसमें सुधार करवाने की कोशिश करेंगे।
इस बारे में जब प्रदेश भाजपा के मीडिया संयोजक प्रवीण शंकर कपूर से बात की गई तो उन्होंने कहा कि केजरीवाल को दूसरी पार्टियों की चिंता करने के बजाय अपनी पार्टी और कार्यकर्ताओं पर ध्यान देना चाहिए, जिनके पास एक उपयुक्त ऑफिस भी नहीं है। टॉयलेट के निर्माण का कार्य बुधवार से शुरू कर दिया जाएगा।