श्रीनगर के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) के मामले में दिल्ली के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने केंद्र सरकार के सामने पांच मांगे रखी हैं।
इनमें छात्रों पर दर्ज सभी केस वापस लेने, लाठीचार्ज करने वाले पुलिस कर्मी को निलंबित करने, लाठीचार्ज के आदेश देने वाले अधिकारी या पीडीपी-भाजपा साझा सरकार के मंत्री को तुरंत बर्खास्त करने, एनआईटी श्रीनगर में ऊंचा तिरंगा झंडा फहराया जाए और प्रधानमंत्री के चुप्पी तोड़ने की मांग शामिल है।
मिश्रा ने दिल्ली सचिवालय के बाहर दिए बयान में कहा कि एनआईटी श्रीनगर में जिस तरह भारत माता की जय बोलने और तिरंगा झंडा फहराने पर लाठीचार्ज हुआ वो आपत्तिजनक है।
मोदी चुप्पी नहीं तोड़ते हैं तो यह उनकी चुप्पी अपराधियों वाली है
कपिल मिश्रा
फिर वहां के उपमुख्यमंत्री निर्मल कुमार सिंह ने बयान दिया कि स्थिति सामान्य है। लेकिन, ऐसा नहीं है। वहां स्थिति अत्यंत गंभीर व चिंताजनक है। बच्चों की जान को खतरा है, छात्राओं ने बयान दिया है कि उन्हें कैंपस में रेप की धमकी दी जा रही है।
मिश्रा ने कहा कि एनआईटी श्रीनगर में इतना सब कुछ हो जाने के बाद भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुप्पी नहीं तोड़ते हैं तो यह उनकी चुप्पी अपराधियों वाली है।
ऐसा लगता है ये सब उनके इशारे पर कराया गया है। एक भी पुलिस वाले के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है। मुझे लगता है कि इस पूरे मामले में भाजपा खुद शामिल है।
मिश्रा ने कहा, मोदी जी अपनी आपराधिक चुप्पी तोड़ें
नरेंद्र मोदी
- फोटो : PTI
कपिल मिश्रा ने कहा, मोदी जी अपनी आपराधिक चुप्पी तोड़ें, एनआईटी श्रीनगर के मामले में उनके मन की बात क्या है, ये देश को बताएं।
उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि अगर अभी भी मोदी जी इस विषय पर मुंह नहीं खोलते, छात्रों पर मुकदमे जारी रहते हैं तो यह सवाल पूरा देश पूछेगा कि क्या इस देश में सबसे बड़ी कुर्सी पर आईएसआई का एजेंट बैठा है क्या, जो अभी तक चुप बैठा हुआ है।
कपिल मिश्रा ने ये भी कहा कि अगर ये मुकदमा वापस नहीं लिया जाता, तो फिर देशभक्तों को समझाना आता है। देशभक्तों को मालूम है कि जब कोई सरकार आपे से बाहर चली जाए तो कैसे समझाया जाता है। तिरंगा झंडा लेकर जाएंगे, मोदी जी को समझाएंगे।