उत्तर प्रदेश के संभल जिले में नरौरा परमाणु बिजली संयंत्र के पास गंगा नदी और डूब क्षेत्र में हो रहे अवैध बालू खनन को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने उत्तर प्रदेश सरकार व संबंधित प्राधिकरणों को नोटिस देकर जवाब मांगा है। एनजीटी का यह निर्देश अवैध खनन पर प्रतिबंध लगाने की मांग करने वाली याचिका पर विचार के बाद आया है। मामले की अगली सुनवाई 9 मई को होगी।
जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली बेंच ने शुक्रवार को मोदी नगर निवासी फिरे राम प्रजापति की याचिका पर विचार के बाद नोटिस जारी किया। याची की ओर से एडवोकेट गौरव कुमार बंसल ने दलीलें पेश कीं। बेंच ने इस मामले में स्थानीय प्रशासन और पर्यावरण प्रभाव मूल्यांकन समिति को भी जवाब देने के लिए कहा है।
याची ने बिना पर्यावरण मंजूरी के अवैध तरीके से किए जा रहे बालू उत्खनन पर रोक लगाने की मांग एनजीटी से की है। याची के मुताबिक, स्थानीय स्तर पर खनन माफियाओं के जरिए यह काम किया जा रहा है।