उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार निर्माण श्रमिकों के हितों का पूरा ध्यान रख रही है। कोरोना और प्रदूषण के दौरान थमे निर्माण कार्यों के बावजूद श्रमिकों की 600 करोड़ से अधिक की सहायता राशि देकर आर्थिक मदद की। श्रमिकों के लिए केजरीवाल सरकार 17 वेलफेयर योजनाएं चला रही है। पिछले साल इन योजनाओं के तहत श्रमिकों को 13 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी गई। दूसरी तरफ केजरीवाल सरकार से मिलने वाली सुविधाओं की श्रमिकों के पास आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड अपनी वेबसाईट को अपग्रेड कर रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में यह योजना तीन निर्माण स्थलों पर 200 श्रमिकों के साथ पायलट फेज में चलाई जा रही है। इस दिशा में अच्छे नतीजे देखने को मिल रहे हैं। पायलट फेज के अनुभवों के आधार पर इस योजना के दायरे को बढ़ाते हुए पीडब्ल्यूडी, डीडीए, डीएमआरसी आदि के निर्माण स्थलों पर दो लाख श्रमिकों के स्वास्थ्य की जांच की जाएगी।