आम आदमी पार्टी के संयोजक व दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पार्टी के लिए देश भर में प्रचार करने के बाद दिल्ली लौटे तो यहां पर लगे हाथों उन्होंने विधानसभा चुनाव का प्रचार भी शुरू कर दिया है। लोकसभा चुनाव के लिए जारी अपने रोड शो व जनसभाओं में उनकी कोशिश यह बताने की भी है विधानसभा चुनाव जल्द होने को हैं और इस बार आप की 50 सीटें आएंगी।
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2013 से एक साल पहले अस्तित्व में आई आम आदमी पार्टी ने 49 दिन की सरकार चलाने के दौरान भ्रष्टाचार के खिलाफ बनाए जन लोकपाल बिल के पास न होने की बात कहते हुए इस्तीफा देते हुए विधानसभा भंग कर चुनाव की मांग एलजी से की थी।
आप को शायद उम्मीद थी कि लोकसभा चुनाव के साथ विधानसभा चुनाव होने पर उसे डबल फायदा होगा। लोकसभा चुनाव में अभी तक 407 सीटों पर उम्मीदवार खड़े कर चुकी आप के स्टार कंपेनर अरविंद केजरीवाल अभी तक देश भर में आप के अन्य उम्मीदवारों के लिए प्रचार कर रहे थे।
50 सीटों का दावा कर रहे हैं केजरीवाल
एक अप्रैल से उन्होंने वापस दिल्ली का रुख किया है। यहां पर वे प्रचार तो अपने लोकसभा प्रत्याशी का कर रहे हैं लेकिन उनके निशाने पर आगामी विधानसभा चुनाव ज्यादा है।
वे कहते हैं कि 49 दिन की सरकार ने इतने काम किए जितने कभी किसी सरकार ने नहीं किए, ऐसे में लोग कह रहे हैं कि आप के सरकार छोड़ने का दुख तो हुआ लेकिन इस बार विधानसभा चुनाव में वोट आपको ही देंगे। 28 सीटों पर तो सरकार इतने ही दिन चलती, अब पूर्ण बहुमत दो तो बताएंगे सरकार कैसी चलती है।
इस दौरान उनका दावा होता है कि 50 सीटों के साथ पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएंगे। यह सिर्फ रोड शो के दौरान ही नहीं, केजरीवाल के एफएम चैनल व अन्य प्रचार माध्यमों में भी लोकसभा के साथ आगामी विधानसभा चुनाव ही टारगेट है। वह यह भी कह रहे हैं कि लोकसभा चुनाव के बाद जल्द ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।
लोकसभा के बाद विधानसभा की तैयारियों में लगेगी आप
लोकसभा चुनाव में मोदी लहर चलेगी या नहीं यह तो बाद में पता चलेगा लेकिन मौजूदा माहौल देखकर यह जाहिर है कि लोस चुनाव में मोदी फैक्टर कायम है।
माना जा रहा है कि इस स्थिति को भांपते हुए केजरीवाल लोकसभा के साथ विधानसभा चुनाव पर काम शुरू कर चुके हैं। जिस तरह से वे लोकसभा के तुरंत बाद विधानसभा चुनाव की बात कह रहे हैं, उससे यह भी जाहिर है कि लोकसभा चुनाव के निपटते ही आप विधानसभा चुनाव का दबाव बनाने के लिए काम करेगी।
गौरतलब है कि प्रदेश कांग्रेस भी विधानसभा चुनाव से पहले बिजली पानी को लेकर जून व जुलाई में बड़ा आंदोलन खड़ा करने की योजना तैयार कर चुकी है।
अपनी उपलब्धियां बता रहे हैं केजरीवाल
प्रचार के दौरान केजरीवाल दिल्ली सरकार की उपलब्धियां पूरे जोश के साथ लोगों को बता रहे हैं।
जिसमें बिजली-पानी के दाम आप ने वायदे के अनुसार घटाए जाने के बाद उनके सरकार से हटने पर एक अप्रैल से उनके दाम बढ़ाने, बिजली कंपनियों का ऑडिट कराने, गैस की कीमत बढ़ाए जाने पर मुकेश अंबानी व दो केंद्रीय मंत्रियों पर मामला दर्ज कराने व सिखों के लिए एसआईटी का गठन प्रमुख हैं।