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आंकड़ों में कहां गायब हो गया चुनावी खर्च?

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जिला प्रशासन ने प्रत्याशियों द्वारा 28 मार्च तक खर्च की गई राशि का रिकॉर्ड तैयार किया है। इसके आधार पर अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रशासन के आंकड़ों और हकीकत खर्च में कितना अंतर होगा। लग रहा है कि किसी प्रत्याशी का 50 लाख से ऊपर खर्च ही नहीं जाएगा।
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इस संबंध में फरीदाबाद जिला निर्वाचन अधिकारी, विजय सिंह दहिया कहते हैं कि सभी प्रत्याशियों के चुनाव खर्चों पर पूरी नजर रखी जा रही है। अगर कोई दल खर्च छिपाने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ आचार संहिता के उल्लघंन का नोटिस जारी किया जाएगा। 40 से अधिक टीमें इस काम पर नजर रख रही हैं। आइए नजर डालते हैं प्रमुख पार्टियों के खर्चों पर।

खर्च करने में सबसे आगे निकली ‘आप’

आम आदमी की पार्टी कही जाने वाली ‘आप’ चुनावी खर्च करने में सबसे आगे दिखाई दे रही है। लोगों ने यह सोचा था कि आम आदमी पार्टी सबसे कम खर्च पर चुनाव लड़ेगी। क्योंकि उसकी ज्यादातर टोलियां पैदल चलकर चुनाव प्रचार कर रही हैं।

आम आदमी पार्टी की तरफ से खर्च को लेकर तर्क दिया गया है कि उनकी पार्टी का चुनाव प्रचार सबसे पहले शुरू हुआ था। इसलिए उनका खर्चा सबसे अधिक दिखाई दे रहा है। पार्टी के अनुसार दस मार्च को प्रत्याशी का टिकट फाइनल होने के बाद 11 मार्च से प्रचार शुरू कर दिया गया था। जबकि दूसरे उम्मीदवारों का प्रचार नामांकन होने के बाद शुरू हुआ।

खर्च के मामले में हाथी की भी रफ्तार तेज

बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी राजेंद्र शर्मा भी खर्च के मामले में पीछे नहीं हैं। उन्होंने आठ दिन में तीन लाख रुपये का खर्च दिखाया है। शर्मा के अनुसार उन्होंने 20 तारीख को पर्चा भरा था। इसके बाद चुनाव प्रचार का काम शुरू किया।

उनके अनुसार चुनाव से संबंधित प्रचार सामाग्री के रेट काफी बढ़ गए हैं। मंहगाई के हिसाब से खर्च को काफी सीमित किया जा रहा है। लेकिन वह कंजूसी करके सर्मथकों को भी निराश नहीं कर सकते।

कमाल है, भड़ाना ने खर्च किए सिर्फ 2.59 लाख

खर्च के मामले में कांग्रेस प्रत्याशी अवतार सिंह भड़ाना की राशि को देखकर काफी हैरानी होती है। रिकार्ड के मुताबिक उन्होंने 28 मार्च तक केवल 2.59 लाख खर्च किए हैं। कांग्रेस प्रत्याशी का खर्चा देख रहे एक व्यक्ति के अनुसार उनका चुनाव प्रचार काफी देरी से शुरू हुआ है, इसलिए सिर्फ 2.59 लाख रुपये खर्च हुए हैं।

उनके अनुसार खर्च के मामले में प्रशासन से कुछ भी छिपाया नहीं जा रहा है। सभी रिपोर्ट प्रशासन को दी जा रही है। ताकि आचार संहिता का किसी तरह से उल्लंघन न हो।
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कमल के खर्च पर भी आप होंगे हैरान

भाजपा प्रत्याशी कृष्णपाल गुर्जर ने इस दौरान पांच लाख रुपये खर्च किए हैं। पार्टी के अनुसार उनका चुनाव प्रचार डोर-टू-डोर ज्यादा हो रहा है। जनसभाओं के लिए भी बहुत जरूरी चीजें ही खरीदी जा रही हैं। ताकि 70 लाख के भीतर चुनाव प्रचार पूरा हो सके। इनके प्रचार खर्च को लेकर भी जनता को हैरानी ही होगी।
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