अक्सर चर्चा में रहने वाले आप नेता अरविंद केजरीवाल की नीली वैगन आर कार फिर चर्चा में है। केजरीवाल ने इस ‘लकी’ कार को पार्टी के रोहतक से उम्मीदवार नवीन जयहिंद को दे दिया है।
रोहतक से हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा के बेटे व दो बार के सांसद दीपेंदर सिंह हुड्डा को चुनौती दे रहे जयहिंद शुक्रवार को नामांकन भरने केजरीवाल की उसी लकी कार से ही आए थे।
दिल्ली के मुख्यमंत्री बनने के बाद केजरीवाल की कार उनके रहन-सहन का हिस्सा बन गई थी। मुख्यमंत्री के रूप में भी वैगन आर से चलते थे। आधिकारिक यात्रा के लिए भी इसका इस्तेमाल करते थे।
क्यों दान कर दी इतनी अहम कार?
जयहिंद के पास गाड़ी नहीं है, इसलिए केजरीवाल ने चुनाव प्रचार के लिए उन्हें कार दी है। जयहिंद ने कहा कि उनके पास कार नहीं है।
अरविंद उनसे पूछ रहे थे कि बिना गाड़ी के आप कैसे प्रचार कर रहे हैं। जब उन्हें मेरी स्थिति के बारे में पता चला तो उन्होंने कार दे दी।
केजरीवाल ने कहा है कि जब तक वह अपने लिए गाड़ी की व्यवस्था नहीं कर लेते तब तक उनकी कार का इस्तेमाल कर सकते हैं। केजरीवाल के एक करीबी ने भी जयहिंद को कार देने की पुष्टि की है। जयहिंद 2007 से केजरीवाल के साथ हैं।
केजरीवाल सरकारी गाड़ी से कर रहे हैं चुनाव प्रचार
दिल्ली में विधानसभा चुनावों के दौरान नेताओं की ठाठ-बाट पर होने वाले खर्च का कड़ा विरोध कर चुके आम आदमी पार्टी के संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरंविद केजरीवाल आजकल सरकारी गाड़ी से चुनाव प्रचार कर रहे हैं।
उन्होंने खुद की कार अपने एक उम्मीदवार को दान कर दी है और सरकार की ओर से मिली कार से चुनाव कैंपेनिंग कर रहे हैं। हालांकि दिल्ली में मुख्यमंत्री रहने के दौरान उन्होंने मंत्रियों को मिलने वाली लाल बत्ती पर बैन लगा दिया था। साथ ही मुख्यमंत्री को मिलने वाले शाही बंगले में रहने से इनकार कर दिया था।
लेकिन बाद में उन्होंने एक अन्य सरकारी बंगला ले लिया था। जिसके महीने का मेंटेनेंस खर्च करीब 60000 रुपये है। यहीं नहीं मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद उस बंगले को 15 दिनों के भीतर खाली करना होता है, लेकिन केजरीवाल अब भी उसपर कब्जा जमाए हुए हैं। इसके लिए उन्हें पीडब्लूडी कई बार नोटिस भी दे चुका है।