दिल्ली में विधानसभा चुनाव में अब महीने भर से भी कम समय बचा है। ऐसे में हर पार्टी दूसरी से आगे निकलने की फिराक में है। इसी उधेड़-बुन में आम आदमी पार्टी ने अपना पुराना दांव फिर खेल दिया है।
आप के संयोजक और दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी के दिल्ली अध्यक्ष सतीश उपाध्याय और उपाध्यक्ष आशीष सूद पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं।
केजरीवाल ने बुधवार दोपहर को हुई अपनी प्रेस कांफ्रेंस में इस बात का खुलासा किया कि इन दोनों बीजेपी नेताओं का दिल्ली में बिजली सप्लाई करने वाली कंपनियों के साथ सांठ-गांठ है।
'सतीश की कंपनियां बिजली कंपनियों को सेवाएं प्रदान करती हैं'
केजरीवाल ने अपनी प्रेस कांफ्रेंस में बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव से पहले भाजपा ने बिजली के दाम 30% तक घटाने की बात कही थी। लेकिन 5 महीने बीत जाने के बाद भी कुछ नहीं हुआ। दाम घटाने की जगह बीजेपी 2 बार बिजली के दाम बढ़ा चुकी है।
उन्होंने कहा कि इसका कारण खुद बीजेपी के दिल्ली अध्यक्ष और उपाध्यक्ष हैं। उन्होंने अपनी बात को स्पष्ट करते हुए कहा कि सतीश उपाध्याय और आशीष सूद की 6 कंपनियां हैं, जो दिल्ली में बिजली सप्लाई करने वाली कंपनियों को सेवाएं प्रदान करती हैं।
इनमें से एक एनसीएनएल इंफो मीडिया प्रा. लि. में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय और उनकी बीवी मेजर शेयरधारक हैं। इसी कंपनी में पिछले साल तक आशीष सूद डायरेक्टर थे।
'बिजली मीटर लगाती व बदलती हैं सतीश की कंपनी'
केजरीवाल ने बताया कि सतीश उपाध्याय कि ये कंपनी दिल्ली में बिजली के मीटर लगाती और बदलती है। उन्होंने एक वेबसाइट का हवाला देते हुए बताया कि यह कंपनी रिलायंस एनर्जी की बेस्ट लिस्ट में भी शामिल है। इस तरह कहा जा सकता है कि बिजली कंपनियों से इन्हें सीधा लाभ मिलता है।
इसी जानकारी का हवाला देते हुए केजरीवाल ने बीजेपी से सवाल किया है कि क्या सतीश की कंपनी मीटर सप्लाई भी करती है? अगर करती है तो अब तक उनकी कंपनी ने कितने, किस दाम पर और कहां से मीटर सप्लाई किए हैं?
उनका दूसरा सवाल है कि बिजली कंपनियों से सतीश और आशीष का रिश्ता होने के बावजूद बीजेपी ने उन्हें अध्यक्ष और उपाध्यक्ष क्यों बनाया?