भाजपा द्वारा संसदीय सचिव बिल को लेकर किए गए हमले के बाद आम आदमी पार्टी ने प्रेस कांफ्रेंस कर भाजपा पर पलटवार किया है। प्रेस कांफ्रेंस में संजय सिंह ने केंद्र सरकार व पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, पंजाब, गुजरात व अन्य राज्यों में संसदीय सचिव के पद वैध हैं केवल दिल्ली में ही अवैध हैं?
संजय आगे बोले कि मोदी जी अपनी हार अब तक नहीं पचा पाए हैं इसलिए वो दिल्ली की सरकार को अस्थिर करना चाहते हैं। इसके साथ ही आप ने मीडिया चैनल पर भी हमला बोलते हुए कहा कि कुछ चैनल ऐसी खबरें चला रहे हैं कि हमारे 21 विधायकों की सदस्यता रद्द हो गई है व दिल्ली में फिर से चुनाव होंगे।
ये सब करके भाजपा देश को लोगों को गुमराह कर रही है। आम आदमी पार्टी का तो ये भी आरोप है कि भाजपा ने राष्ट्रपति के पास नामंजूर बिल भेजा।
गौरतलब है कि दिल्ली सरकार को संसदीय सचिव बिल पर बड़ा झटका लगा है। राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने सरकार के बिल को ठुकरा दिया है। संसदीय सचिवों को लाभ के पद से बाहर रखे जाने वाले बिल के पास न होने के बाद आज भाजपा ने प्रेस कांफ्रेंस की जिसमें संबित पात्रा ने इसे आम आदमी पार्टी के 'उड़ता मंसूबों' की क्रैश लैंडिंग का बेहतरीन उदाहरण बताया है।
This is a classic case of crash landing of 'Udta' ambition of AAP: Sambit Patra, BJP on office of Profit bill pic.twitter.com/pTFULU5f8i
— ANI (@ANI_news) June 14, 2016
संबित पात्रा ने सवाल किया कि ऐसे मुद्दे को राजनीतिक रंग क्यों देना जो पूरी तरह से तकनीकी है। पात्रा ने केजरीवाल पर आरोप लगाया कि आखिर केजरीवाल काम कब करते हैं? आप एक आरोप लगाने वाली पार्टी बनकर रह गई है। मैं विनती करता हूं कि आम आदमी पार्टी काम करे।
संबित पात्रा ने केजरीवाल को आड़े हाथों लेते हुए कहा, महत्वकांक्षाएं हमेशा जमीन से जुड़ी होनी चाहिए। केजरीवाल जी महत्वकांक्षाएं आपकी हैं और ये खेल भी आपका है। आपको अपनी प्लेन संविधान के मुताबिक ही उड़ानी पड़ेगी। नहीं तो आपके 'उड़ता' एंबीशन क्रैश हो जाएंगे।
पात्रा आगे बोले, केजरीवाल को संसदीय सचिव चुनने से पहले ही बिल में संशोधन कर लेना चाहिए था। अगर राष्ट्रपति ने कोई फैसला तकनीक के आधार पर लिया है तो हम उस पर सवाल कैसे उठा सकते हैं?
मोदी पर साधा निशाना
modi kejriwal
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर आई खबर के तुरंत बाद से करीब आधा दर्जन ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर हमला बोला है। केजरीवाल ने कहा है कि मोदी जी आप सरकार के अच्छे काम से घबरा गए हैं।
इसके साथ ही आज न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में भी केजरीवाल जमकर गृहमंत्रालय और पीएम मोदी पर बरसे। केजरीवाल ने कहा कि मोदी जी कहते हैं कि सोनिया गांधी काम नहीं होने दे रही हैं क्योंकि वो लोकसभा चुनाव में अपनी हार को नहीं पचा सकी हैं।
केजरीवाल ने आगे पूछते हुए कहा कि तो क्या मोदी जी दिल्ली सरकार को चलने नहीं दे रहे क्योंकि वो दिल्ली में हुई अपनी हार को नहीं पचा पा रहे हैं। मोदी जी कहते हैं-ना काम करूंगा, ना करने दूंगा। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने बिल निरस्त किए जाने का स्वागत किया है।
अरविंद केजरीवाल से जब पूछा गया कि यह फैसला तो राष्ट्रपति का है तो आप इसे आप पीएम का फैसला क्यों कह रहे हैं? तब उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति तो सिर्फ नाम का होता है यह सारी कार्रवाई गृहमंत्रालय से ही की गई है।
केजरीवाल ने ये भी कहा कि मोदी जी सिर्फ दिल्ली के संसदीय सचिवों को डिस्क्वालिफाई करने पर क्यों लगे हैं। संसदीय सचिव तो गुजरात, हरियाणा, राजस्थान, नागालैंड, पंजाब और अन्य राज्यों में भी हैं तो उन्हें क्यों डिस्क्वालिफाई नहीं किया जाता?
किन विधायकों की जा सकती है सदस्यता और क्या है उनका कहना
वहीं कल रात में भी किए गए अपने दर्जनों ट्वीट्स में से पहले ट्वीट में केजरीवाल ने लिखा-मोदी जी लोकतंत्र का सम्मान नहीं करते। डरते हैं तो सिर्फ आम आदमी पार्टी से। किसी एमएलए को एक पैसा नहीं दिया, कोई गाड़ी-बंगला, कुछ नहीं दिया। सब एमएलए फ्री में काम कर रहे थे। मोदी जी कहते-सब घर बैठो, कोई काम नहीं करेगा।
केजरीवाल ने कहा है, एक एमएलए को बिजली पर लगा रखा था, एक को पानी पे, एक को अस्पताल पे, एक को स्कूल पे। एक एमएलए बेचारा रोज अपना पेट्रोल खर्च करके अस्पतालों के चक्कर लगाता था। बताओ क्या गलत करता था? मोदी जी ने उनके घर बैठा दिया।
मोदी जी जब विदेश दौरे पर रहते हैं, खुश रहते हैं। दिल्ली वापस आते ही अरविंद केजरीवाल के पीछे पड़ जाते हैं। हार अभी तक नहीं पचा पाये। आप के विधायकों को नहीं बल्कि आप के विधायक द्वारा गरीब, मजदूर, आम आदमी को मिले लाभ(मोहल्ला क्लीनिक) को मोदी सरकार पचा नहीं पा रही है।-अल्का लंबा, संसदीय सचिव।
अभी तक किराए के दो कमरे फ्लैट में हूं
मैं अभी तक किराए केदो कमरे के फ्लैट में जमीन पर सोता हूं। प्रधानमंत्री जी क्या आप इसे लाभ का पद कहते हैं।-प्रवीण कुमार, संसदीय सचिव
हम स्वागत करते हैं : माकन
संसदीय सचिवों को लाभ के पद ये बाहर रखने वाला बिल में गाड़ी, कार्यालय और सुविधाएं 21 संसदीय सचिवों का दिए जाने का प्रावधान था। आप विधायक ना सिर्फ नैतिक तौर पर बल्कि प्रक्रियागत तरीके से भी गलत हैं। अब बिल अस्वीकृत हो गया है, हम इसका स्वागत करते हैं।-अजय माकन, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष।
ये हैं संसदीय सचिव
जरनैल सिंह( राजौरी गार्डन), जरनैल सिंह (तिलक नगर), नरेश यादव, अल्का लांबा, प्रवीण कुमार, राजेश ऋषि, राजेश गुप्ता, मदन लाल, विजेंद्र गर्ग, अवतार सिंह शरद चौहान, सरिता सिंह, संजीव झा, सोम दत्त, शिव चरण गोयल, अनिल कुमार बाजपेयी, मनोज कुमार, नितिन त्यागी, सुखबीर दलाल, कैलाश गहलोत, आदर्श शास्त्री।