भ्रष्टाचार के खिलाफ शुरू हुई हेल्पलाइन पर दिल्लीवालों की शिकायतें आने का सिलसिला जारी है। सात दिनों में हेल्पलाइन पर 40 हजार से ज्यादा कॉल आ चुकी हैं।
इनमें 30 ऐसे शिकायतकर्ता है जिन्होंने स्टिंग भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) को जमा करा दिया है। फिर इसमें ज्यादातर मामलों में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी है।
लेकिन इनमें से ज्यादातर स्टिंग ऐसे हैं जो कानूनी तौर पर मजबूत नहीं हैं। यही कारण है कि अभी तक अधिकतर मामलों में न तो एफआईआर और न ही कोई गिरफ्तारी हुई है।
36 स्टिंग करने वालों में से 30 ऑडियो स्टिंग करके एसीबी में जमा करा चुके हैं। मगर इसमें से अधिकतर स्टिंग अपरिपक्व हैं। सूत्रों की मानें तो हेल्पलाइन के कॉल सेंटर में बैठे कर्मी आम लोगों को स्टिंग का पेशेवर तरीका नहीं सिखा पा रहे हैं।
एसीबी के सूत्रों की मानें तो उनके पास कुछ ऐसे स्टिंग भी आए जो 3-4 माह पहले किए गए हैं। ऑडियो रिकॉर्डिंग की प्रमाणिकता जांचने को एफएसएल में भेजा जा रहा है।
साथ ही आरोपी व्यक्ति के खिलाफ जांच शुरू करने से पहले उसकी आवाज के सैंपल भी कलेक्ट किए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार 10 मामलों में जांच शुरू कर दी गई है।
‘भ्रष्टाचारियों में डर बैठ रहा है’
भ्रष्टाचार के लिए जारी हेल्पलाइन का निरीक्षण कर रहे पूर्व आईपीएस अधिकारी एनद़लीप कुमार के मुताबिक सरकार का यह कदम सराहनीय है। हमारा मकसद भ्रष्टाचार खत्म करना है।
हेल्पलाइन आने से लोगों में जागरूकता बढ़ी है। भ्रष्टाचारियों के मन में डर बैठ रहा है। स्टिंग के आधार पर यदि केस नहीं बनता है तो कोई बात नहीं। यदि कर्मचारी या अधिकारी का आचरण संदिग्ध है तो उसके खिलाफ विभागीय जांच कराई जा सकती है। बस जरूरत निष्पक्ष जांच करने की है जो समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए।