आरक्षित डिब्बों में अनधिकृत प्रवेश को रोकने, ज्वलनशील पदार्थों को ले जाने पर अंकुश लगाया गया है। स्टेशन परिसर में धूम्रपान और कूड़ा-करकट फैलाने जैसी समस्याओं के समाधान के लिए सख्त उपाय लागू किया जाएगा। प्लेटफार्मों, बुकिंग कार्यालयों और अन्य क्षेत्रों में भीड़ को प्रबंधित करने के लिए टिकट चेकिंग स्टाफ और आरपीएफ कर्मियों की तैनाती बढ़ाई गई है। स्टेशनों पर भीड़-भाड़ को रोकने के लिए होल्डिंग क्षेत्र बनाया जाएगा। वरिष्ठ नागरिकों, विशेष रूप से सक्षम व महिलाओं के लिए विशेष व्यवस्था रहेगी। खाने के लिए विशेष काउंटर लगाया जाएगा। आपातकालीन स्थिति में यात्रियों को प्राथमिक उपचार के लिए रेलवे स्टेशनों पर रेलवे डॉक्टर और चिकित्सा कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। मेडिकल टीमों को अलर्ट रखा जाएगा।
सभी प्लेटफार्म पर नियमित घोषणाएं होंगी
स्टेशनों पर विशेष ट्रेनों और अतिरिक्त कोचों के संचालन के बारे में समय-समय पर घोषणाएं की जाएंगी। अधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफार्मों सहित सभी माध्यमों से 360 डिग्री सूचना का प्रसार करेंगे। स्टेशन अधिकारियों को अंतिम समय में प्लेटफार्म परिवर्तन से बचने का निर्देश दिया गया है। जनरल कोचों में मार्शल नियुक्त किया जाएगा। प्लेटफार्मों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मनीला रस्सियों का उपयोग किया जाएगा। यात्रियों के प्रवेश को नियंत्रित करने के लिए हाथ में पकड़े जाने वाले लाउडस्पीकर का उपयोग होगा।
नियंत्रण केंद्र बनेगा
विभिन्न स्तरों पर रेलवे अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे यात्रियों को निर्बाध अनुभव सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख स्टेशनों पर नियंत्रण केंद्र से व्यवस्थाओं की बारीकी से निगरानी करें। स्टेशन निदेशकों को अपने-अपने स्टेशनों पर योजना के कार्यान्वयन की देख-रेख करने का निर्देश दिया गया है। सभी यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और परेशानी मुक्त यात्रा कराने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया गया है।