पुलिस के मुताबिक मृतक की शिनाख्त गांव रजौरा, बुलंदशहर निवासी भूरा सिंह के रूप में हुई है। हादसे के बाद उसके साथी उपचार के लिए अस्पताल ले गए। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मामले को लेकर ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज किया है।
दिल्ली के कापसहेड़ा इलाके में शुक्रवार दोपहर एक निर्माणाधीन मकान में काम करने के दौरान जर्जर दीवार गिर गई। मलबे के नीचे एक मजदूर दब गया। अन्य मजदूरों ने आनन-फानन में घायल मजदूर को बाहर निकाल कर उसे पास के अस्पताल ले गए। जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ठेकेदार के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर जांच कर रही है। पुलिस ने शनिवार को मजदूर के शव का पोस्टमार्टम कराकर उसके परिजनों को सौंप दिया।
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बुलंदशहर का निवासी था मृतक
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मृतक की शिनाख्त गांव रजौरा, बुलंदशहर उप्र निवासी भूरा सिंह के रूप में हुई है। शुक्रवार दोपहर डेढ बजे पुलिस को बिजवासन के होली चौक पर एक दीवार के गिरने और मलबे में एक मजदूर के फंसे होने की जानकारी मिली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। तब तक मजदूरों के साथियों ने उसे बाहर निकालकर दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल पहुंचा चुके थे। जहां मजदूर को मृत घोषित कर दिया गया। अस्पताल पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में कर लिया और मामले की जांच शुरू की।
तीन अन्य मजदूर बाल-बाल बचे
मृतक भूरा के साथ काम करने वाले मजदूर रामबाबू ने पुलिस को बताया कि वह मूलत: बुलंदशहर का रहने वाला है। वह अपने तीन साथी भूरा, दिनेश, विपिन के साथ ठेकेदार सौरभ के कहने पर हौली चौक स्थित एक निर्माणाधीन मकान में काम कर रहे थे। दोपहर के समय एक जर्जर दीवार अचानक गिर गई। जिसकी चपेट में आकर भूरा घायल हो गया। रामबाबू ने अपने साथियों की मदद से मलबे से भूरा को मलबे के बाहर निकाल कर अस्पताल पहुंचाया।
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ठेकेदार ने नहीं दे रखे थे सुरक्षा उपकरण
वहीं, राम बाबू सहित अन्य मजदूरों ने ठेकेदार की लापरवाही से भूरा की मौत होने का आरोप लगाया। उन्होने बताया कि ठेकेदार काम करने के दौरान उनको कोई सुरक्षा उपकरण मुहैया नहीं करवाया था। पुलिस अधिकारी ने बताया कि राम बाबू के बयान पर मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच की जा रही है।