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कमाल का परिवार: जिंदगी खोकर भी तीन को नया जीवन दे गई कंचन, सड़क हादसे में हो गई थीं घायल; एम्स में छूटे प्राण

Wed, 20 Dec 2023 10:05 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

राष्ट्रीय अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (नोटो) के नियम के तहत उनके लिवर को आईएलबीएस अस्पताल, दिल्ली को आवंटित किया गया था। जबकि एक किडनी एम्स दिल्ली को और दूसरी किडनी सफदरजंग अस्पताल को आवंटित की गई।
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कंचन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जिंदगी खोकर भी कंचन तीन लोगों को नया जीवन दे गई। 53 साल की कंचन का एक दिसंबर को फरीदाबाद में सड़क दुर्घटना का शिकार हो गई थीं। दुर्घटना के बाद उसे पास के अस्पताल में लेकर गए। यहां से उसे एम्स के ट्रामा सेंटर में रेफर कर दिया गया। ट्रामा सेंटर में उपचार के दौरान 19 दिसंबर को उनका निधन हो गया। 

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उनकी मौत के बाद परिवार से उनका अंगदान करने का फैसला लिया। राष्ट्रीय अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (नोटो) के नियम के तहत उनके लिवर को आईएलबीएस अस्पताल, दिल्ली को आवंटित किया गया था। जबकि एक किडनी एम्स दिल्ली को और दूसरी किडनी सफदरजंग अस्पताल को आवंटित की गई। महिला की कॉर्निया और हृदय वाल्व को एम्स, नई दिल्ली में सुरक्षित रखा गया है। 
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इस मौके पर एम्स ओआरबीओ की प्रभारी प्रोफेसर डॉ. आरती विज ने कहा कि किसी परिवार के लिए उनका अपने को खोना कठिन समय होता है। लेकिन परिवार से साहस दिखाते हुए दूसरों को जिंदगी देने का फैसला लिया। परिवार की सहमति के बाद ओआरबीओ टीम, चिकित्सकों, न्यूरोसर्जन, एनेस्थेटिस्ट, प्रत्यारोपण टीम, प्रत्यारोपण परामर्शदाताओं और समन्वयकों, तकनीशियनों, प्रशासकों, फोरेंसिक और पुलिस विभागों के सहयोगात्मक प्रयासों से अंगदान करवाया गया। 
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