फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Justice Varma: CJI का निर्देश, हाईकोर्ट का एक्शन; न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा को कोर्ट की सुनवाई से किया गया अलग

Mon, 24 Mar 2025 12:20 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के घर से कथित तौर पर कैश मिलने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला लिया है। होईकोर्ट ने न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा से तत्काल प्रभाव से न्यायिक कार्य वापस ले लिया है।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा (फाइल) - फोटो : अमर उजाला / एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण नोटिस जारी करते हुए सूचित किया है कि जस्टिस यशवंत वर्मा से तत्काल प्रभाव से न्यायिक कार्य वापस ले लिया गया है। यह जानकारी दिल्ली हाईकोर्ट की ओर से 24 मार्च 2025 को जारी एक सप्लीमेंट्री केस लिस्ट में दी गई। नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि हाल के घटनाक्रमों के मद्देनजर, जस्टिस यशवंत वर्मा से न्यायिक कार्य तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाता है, जब तक कि अगले आदेश न दिए जाएं। हालांकि, इस नोटिस में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि यह निर्णय क्यों लिया गया है।

विज्ञापन


नोट में कहा गया है कि न्यायमूर्ति वर्मा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ-III के कोर्ट मास्टर आज से पहले सूचीबद्ध मामलों में तारीख देंगे। रजिस्ट्रार के नाम से न्यायालय की वेबसाइट पर जारी नोट में इसका जिक्र है। नकदी मिलने के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा से न्यायिक कार्य तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक वापस ले लिया जाता है। 

ये भी पढ़ें: जज के घर आग में जले नोट? दिल्ली हाईकोर्ट की रिपोर्ट और वीडियो ने DFS के दावे पर उठाया सवाल, जानें पूरा मामला
विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट ने बीती 22 मार्च को न्यायमूर्ति वर्मा के घर से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद के मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश डी के उपाध्याय की जांच रिपोर्ट अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दी। जिसमें तस्वीरें और वीडियो भी शामिल थे। खबरों के मुताबिक, दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने सीजेआई के निर्देश पर यह कार्रवाई की है।

वहीं न्यायमूर्ति उपाध्याय द्वारा मुख्य न्यायाधीश को भेजी गई रिपोर्ट में आधिकारिक संचार के संबंध में सामग्री शामिल है। जिसमें कहा गया है कि न्यायाधीश के लुटियंस दिल्ली आवास से नोटों की चार से पांच अधजली बोरियां बरामद हुईं।
विज्ञापन


जबकि दूसरी तरफ न्यायमूर्ति वर्मा ने मुद्रा बरामदगी विवाद में आरोपों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि उनके या उनके परिवार के किसी सदस्य द्वारा उनके आवास के स्टोररूम में कभी भी कोई नकदी नहीं रखी गई। दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को दिए गए अपने जवाब में न्यायमूर्ति वर्मा ने कहा है कि उनके आवास से नकदी बरामद होने का आरोप स्पष्ट रूप से उन्हें फंसाने और बदनाम करने की साजिश जैसा लगता है। 

ये भी पढ़ें: Justice Yashwant Verma: जस्टिस वर्मा का दावा- स्टोररूम मेरे घर का हिस्सा नहीं, न ही वहां मिली नकदी मेरी


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें