ग्रेटर नोएडा में सेक्स रैकेट पकड़े जाने के बाद अब इस बात का खुलासा हुआ है कि दूसरे जिलों की युवतियों को नौकरी दिलाने के बहाने एनसीआर में लाकर देहव्यापार के धंधे में उतार दिया जाता था।
युवतियों को इसकी जानकरी एनसीआर पहुंचते ही दे दी जाती थी। इस तरह के सेक्स रैकेट में प्रदेश के कई जिलों और अन्य प्रदेशों से युवतियों को लाया जाता था। इस रैकेट का अड्डा केवल ग्रेनो में ही नहीं है बल्कि नोएडा और दिल्ली समेत कई स्थानों पर था जिन्हें दो महिलाएं चलाती हैं।
ग्रेटर नोएडा के चाई सेक्टर में रविवार को पुलिस ने एक सेक्स रैकेट का खुलासा किया था। इसमें दो युवतियां और दो युवक गिरफ्तार किए गए थे। पुलिस के मुताबिक युवतियां सेक्स वर्कर हैं और युवक 10-10 हजार रुपये की नौकरी करते हैं।
चुनिंदा लड़कियों पर रहती थी निगाह
उनका काम युवतियों को होटल या किसी के घर स्कूटी से पहुंचाने का होता था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि जब गैंग के सदस्यों से पूछताछ की तो उन्होंने पूरी कलई खोलकर रख दी।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस धंधे को नोएडा और दिल्ली में दो महिलाएं चला रही हैं। इनके बिहार और यूपी के अलावा भी अन्य प्रदेशों में जाल फैला रखा है।
युवतियों को मकानों में काम करने, कंपनियों की किचन में काम करने और स्कूलों में साफ-सफाई करने के नाम पर लाया जाता था।
इस गिरोह द्वारा शादीशुदा ऐसी युवतियों को भी टारगेट किया जाता है जो अपने परिवार से नाराज होकर किसी बात को लेकर अलग रह रही हों या फिर उनके परिवार वाले उनका उत्पीड़न करते हो।
लड़कियों को अलग-अलग अड्डो पर रखते थे
उन्हें 40-50 हजार रुपये प्रतिमाह तक कमाई करने का लालच दिया जाता है। हालांकि सच का पता चलते ही इनमें से कुछ युवतियां वापस चली जाती थी।
वहीं यहीं रह जाने वाली युवतियों को अलग-अलग अड्डों पर रखा जाता था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि माना कि उक्त गैंग के चार अड्डे बना रखे थे। हर अड्डे पर 10 युवतियां रखी जाती थीं।
जिन्हें हर दूसरे सप्ताह अलग अड्डे पर भेज दिया जाता था। उन्हें एक सप्ताह में 30 से 40 हजार रुपये दिए जाते थे। जबकि प्रत्येक ग्राहक से पांच हजार रुपये लिए जाते थे।
दूसरे प्रदेश और जनपदों से लाकर युवतियों को अलग-अलग रखा जाता था। अगर कोई युवती यूपी की है तो उसके साथ दूसरी युवती एमपी की रखी जाती थी। अगर वह चाहे भी तो भाग न सकें इसलिए उनको अलग-अलग स्थानों पर भी बदलते रहते थे।
फोन पर होती थी बुकिंग
रैकेट चलाने वाला गिरोह फोन पर ही बुकिंग करता था। यदि किसी व्यक्ति को होटल या किसी अन्य स्थान पर चाहिए तो उनको वहीं पर पहुंचा दिया जाता था।
इस गिरोह ने हर शहर को अपनी गिरफ्त में ले रखा है और विशेष युवा वर्ग को निशाना बनाते हैं। एसपी संजय कुमार ने बताया कि इस गिरोह का खुलासा किया जा चुका है मगर अब देखना यह है कि कहीं कोई और तो इस तरह का अड्डा नहीं चल रहा है।
हालांकि इस गिरोह का एक अड्डा नोएडा में बताया जा रहा है वहां की सूचना नोएडा पुलिस को दे दी गई है। जिससे वहां के रैकेट को भी खत्म किया जा सके।