नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) शिक्षक और छात्र संघ ने बुधवार शाम को जेएनयू बचाओ मार्च निकाला। यह मार्च गंगा ढाबा से शुरू होकर बराक हॉस्टल पर जाकर समाप्त हुआ। उसके बाद एक आम सभा आयोजित की गई। इसमें जेएनयू में सामाजिक विज्ञान संकाय के राजनीतिक अध्ययन केंद्र के संकाय सदस्य डॉ. रोहन वीएच चौधरी की सेवा समाप्ति संबंधी फैसले को लेकर प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया गया।
जेएनयू शिक्षक संघ अध्यक्ष सुरजीत मजमूदार ने जानकारी देते हुए बताया कि शिक्षक की बर्खास्तगी का मामला हाईकोर्ट में है। कोर्ट में विश्वविद्यालय को बर्खास्तगी आदेश को स्थगित रखने का विकल्प देने के लिए बाध्य होना पड़ा है। वह विश्वविद्यालय की सेवा में बने रहेंगे और उन्हें विश्वविद्यालय न्यायालय के समक्ष अपना मामला रखने का अधिकार है। छात्र संघ अध्यक्ष नीतीश कुमार ने कहा कि जेएनयू कुलगुरु विश्वविद्यालय को बर्बाद कर रही है। कोर्ट से जेएनयू को फटकार लगी है। शिक्षक की बर्खास्तगी को रोक दिया गया है। छात्रों को प्रदर्शन करने पर प्रॉक्टोरियल जांच का सामना करना पड़ता है। पिछले दस दिन से लाइब्रेरी की बुनियादी सुविधाओं अपग्रेड करने के लिए अनिश्चितकालीन धरना दे रहे है लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई बात करने नहीं आया।