जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय और जामिया मिलिया इस्लामिया में जेएनयू की पूर्व छात्रा आफरीन फातिमा के समर्थन में प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने बताया कि जेएनयू की छात्र नेता के घर को उत्तर प्रदेश प्रशासन ने तोड़ दिया है। इस प्रदर्शन में स्टूडेंट्स इस्लामिक ऑर्गनाइजेशन ऑफ इंडिया, मुस्लिम स्टूडेंट्स फोरम, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन और फ्रेटरनिटी मूवमेंट से जुड़े युवा शामिल थे।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने बताया कि प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने रविवार पुलिस की ताकत से प्रयागराज में जावेद अहमद के घर को ध्वस्त कर दिया। जावेद अहमद फातिमा के पिता हैं, जिन्हें प्रयागराज में 10 जून को हुई हिंसा मामले का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए साबरमती छात्रावास से जेएनयू गेट तक मार्च निकाला। उनके हाथ में तख्तियां थीं, जिन पर लिखा था, 'मुसलमानों के जीवन को बुलडोजर चलाना बंद करो' और 'मुसलमानों पर राज्य प्रायोजित आतंकवाद को रोको'।
आइसा ने इसी मुद्दे पर जंतर मंतर पर धरना भी दिया। छात्रों ने दावा किया कि इस दौरान दिल्ली पुलिस ने उनके कई साथियों को हिरासत में ले लिया, लेकिन उनका विरोध जारी रहा।
आइसा के अध्यक्ष अभिज्ञान ने कहा कि भाजपा सरकार बुलडोजर का तमाशा कर रही है, वह समाज में जहर पैदा करना चाहती है। लेकिन बहुसंख्यकों को समझना चाहिए कि बुलडोजर उनकी आजीविका और विवेक पर चलाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश भवन के बाहर भी विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने जानकारी दी है कि पुलिस ने उनके करीब 60 साथियों को हिरासत में लिया और संसद मार्ग पुलिस स्टेशन ले गई।