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जेएनयू: सीएसपिलस के अध्यक्ष पद पर प्रोफेसर मजहर आसिफ की नियुक्ति रद्द

Wed, 29 Sep 2021 05:33 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

17 सितंबर के अपने आदेश में जस्टिस वी कामेश्वर राव ने कहा कि इस बात पर कोई विवाद नहीं हो सकता कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की स्थापना 1966 के अधिनियम के तहत हुई है और यह उन संविधियों और अध्यादेशों से संचालित है जो वैधानिक प्रकृति के हैं।
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जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय - फोटो : AMAR UJALA
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विस्तार
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दिल्ली हाईकोर्ट ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में सेंटर फॉर स्पैनिश, पुर्तगाली, इतालवी और लैटिन अमेरिकी अध्ययन के वर्तमान अध्यक्ष की नियुक्ति को रद्द कर दिया।

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प्रोफेसर राजीव सक्सेना ने एक फरवरी को सीएसपिलस के अध्यक्ष पद पर प्रोफेसर मजहर आसिफ की नियुक्ति के खिलाफ याचिका दायर की थी। उन्होंने याचिका में तर्क रखा कि यह नियुक्ति कानून के खिलाफ है क्योंकि वह केंद्र में शिक्षक नहीं थे। आसिफ सेंटर फॉर फारसी और सेंट्रल एशियन स्टडीज में पढ़ाते हैं।

सक्सेना ने अपनी याचिका में तर्क रखा कि विश्वविद्यालय के एक पत्र में 30 जून को कहा गया था कि उनके सहित दो प्रोफेसरों को अध्यक्ष नहीं बनाया जा सकता, क्योंकि वह पहले ही अध्यक्ष के रूप में लगातार दो कार्यकाल पूरे कर चुके थे और दूसरे को एक निश्चित कदाचार के कारण अपने कार्यकाल के दौरान अध्यक्ष के रूप में हटाया गया था।
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17 सितंबर के अपने आदेश में जस्टिस वी कामेश्वर राव ने कहा कि इस बात पर कोई विवाद नहीं हो सकता कि जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की स्थापना 1966 के अधिनियम के तहत हुई है और यह उन संविधियों और अध्यादेशों से संचालित है जो वैधानिक प्रकृति के हैं।

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