एक्साइज ड्यूटी वापस लेने की मांग पर आंदोलन कर रहे ज्वेलर्स ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी कि अगर तीन दिनों में संजीदगी नहीं दिखाई, तो देश भर के ज्वेलर्स वित्त मंत्री अरुण जेटली को अपनी दुकानों की चाबियां सौंप देंगे।
इस बारे में शुक्रवार को ज्वेलर्स ने एक बैठक की। इसमें हड़ताल जारी रखने का भी फैसला किया गया। आल इंडिया बुलियन, ज्वेलर्स व स्वर्णकार फेडरेशन के महामंत्री योगेश सिंघल ने बताया कि बैठक में देश भर के करीब 375 ज्वेलर्स संगठनों ने हिस्सा लिया।
इसमें न केवल व्यापारी, बल्कि निर्माता, रिटेलर, कारीगर, डिजाइनर आदि संगठनों के प्रतिनिधि शामिल थे। इसमें सभी संगठनों ने एकमत से हड़ताल जारी रखाने का सहमति दिखायी।
वहीं, ऐलान किया कि सोमवार को ज्वेलर्स वित्त मंत्री को अपनी दुकानों की चाबियां सौंपेंगे। इसके बाद वह सभी राज्यों व जिला मुख्यालयों पर भैंस के आगे बीन बजाकर, घंटा बजाकर, सांसदों का घेराव कर, मानव श्रृंखला बनाकर अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे।
इसकी पूरी रुपरेखा शनिवार को जारी की जायेगी। दूसरी तरफ कॉन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने सरकार से आग्रह किया है कि इस गतिरोध को दूर करने के लिए सरकार ज्वेलरी व्यापारियों से संवाद शुरू करे।
जबकि फेडरेशन के अध्यक्ष प्रवीन गोयल ने कहा कि एक फीसदी की एक्साइज ड्यूटी से न केवल देश के ज्वेलरी निर्यात को धक्का लगेगा, बल्कि बड़ी संख्या में कारीगर बेरोजगार हो जायेंगे। सरकार को इस तरफ ध्यान देना चाहिए।