हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हिंसा, आगजनी, लूटपाट आदि घटनाओं से पर्दा उठना शुरू होने के बाद जाट संगठनों के नेताओं के तेवर बदल गए हैं। उन्होंने दबाव की मुद्रा से निकलकर अब दबाव बनाना आरंभ कर दिया है।
वह केंद्र और हरियाणा सरकार से समस्त घटनाओं की सीबीआई और सुप्रीम कोर्ट के जज से जांच कराने की मांग करने के साथ-साथ दोषियों को सख्त सजा देने पर जोर देने लगे हैं।
हरियाणा जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा, आगजनी, लूटपाट आदि घटनाओं को अंजाम देने में जाटों से कई गुना अन्य समुदाय के लोगों की गिरफ्तारी होने और मुरथल में रेप की घटनाएं होने की बातें फर्जी निकलने के बाद जाट संगठन आक्रामक मुद्रा में आ गए हैं।
वर्तमान सप्ताह के दौरान तीन दिनों में दो जाट संगठनों ने हरियाणा में हुई हिंसा की उच्च स्तर पर जांच कराने की मांग कर दी, जबकि आंदोलन समाप्त होने के एक सप्ताह बाद तक हरियाणा की घटना को लेकर इन जाट नेताओं के मुंह पर ताला लगा हुआ था। सभी नेता दबाव की मुद्रा में थे।