नारेबाजी के मामले में नई दिल्ली जिले के कनॉट प्लेस में मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने अश्वनी उपाध्याय को पूछताछ में शामिल होने के लिए कहा। अश्वनी खुद को बेकसूर बताकर इन नारेबाजी से पल्ला झाड़ने लगे। अश्वनी का कहना था कि उनकी मौजूदगी में ऐसा कुछ नहीं हुआ। देर रात 3 बजे अश्वनी कनॉट प्लेस थाने पहुंचे और पूछताछ में शामिल हुए। उधर अपराध शाखा ने मामले में दीपक सिंह व दीपक कुमार से पूछताछ की। सभी आरोपियों से करीब छह घंटे पूछताछ की। जांच के बाद सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। अश्वनी ने आगे जांच में पूरा सहयोग करने की बात की है।
पुलिस को मामले में कई अन्यों की तलाश...
जंतर-मंतर पर हुई नारेबाजी के मामले में पुलिस को कई अन्य आरोपियों की तलाश है। इनमें पिंकी चौधरी भी शामिल है। पिंकी पर भी नारेबाजी करने का आरोप है। वर्ष 2020 में जेएनयू में हुए बवाल में पिंकी चौधरी ने हमला करने की जिम्मेदारी ली थी। पिंकी पर गाजियाबाद में केजवरीवाल पर हमला करने का आरोप है। नारेबाजी के बाद पिंकी ने खुद के जंतर-मंतर पर होने की बात की थी। पिंकी ने नारेबाजी करने की बात से इनकार किया है। पिंकी ने स्वीकार किया है कि उनके कहने पर ही हिंदू संगठन के लोग वहां पहुंचे थे।
कनॉट प्लेस थाने के बाहर हंगामा, सड़क पर जाम...
अश्वनी उपाध्याय समेत बाकी लोगों की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही भारी संख्या में लोग कनॉट प्लेस थाने के बाहर इकट्ठा हो गए। इन लोगों ने थाने के बाहर हंगामा शुरू कर दिया। दोपहर करीब एक बजे भीड़ अचानक थाने में दाखिल हो गई। पुलिस ने किसी तरह भीड़ को थाने से बाहर निकाला। इन लोगों का कहना था कि गिरफ्तार किए गए बाकी लोगों के साथ उनको भी गिरफ्तार किया जाए या उनको रिहा किया जाए। बाद में भीड़ ने बाबा खड़क सिंह मार्ग पर आकर जाम लगा दिया। समझाने-बुझाने पर भीड़ नहीं हटी तो पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया। इसके बाद भीड़ को खदेड़ दिया गया।