जम्मू-कश्मीर में तीर्थ यात्रियों पर हुए आतंकी हमले में बचे भवानीशंकर ने आपबीती सुनाई है। उन्होंने कहा कि वह नीचे झुककर अपने दोनों बच्चों को बस की सीट के नीचे छिपाकर उनकी जान बचाई।
जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में तीर्थ यात्रियों को ले जा रही बस पर हुए आतंकी हमले में तुगलकाबाद निवासी भवानी शंकर बाल बाल बच गए। वह इस मंजर को कभी नहीं भूल पाने वाला मंजर बताया है। उन्होंने कहा कि वह नीचे झुककर अपने दोनों बच्चों को बस की सीट के नीचे छिपाकर उनकी जान बचाई।
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घटना के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि वह उन 20-25 मिनट को कभी नहीं भूल पाएंगे। उन्होंने बताया कि इस दौरान पहाड़ियों से लगातार गोलियां चल रही थीं। दिल्ली के तुगलकाबाद एक्सटेंशन के निवासी भवानी शंकर ने बताया कि वह छह जून को वह अपनी शादी की सालगिरह पर जम्मू में वैष्णो देवी मंदिर के दर्शन करने गए थे।
उनके साथ उनकी पत्नी राधा देवी और दो बच्चे पांच वर्षीय बेटी दीक्षा और तीन वर्षीय बेटा राघव भी थे। भवानी शंकर और उनके परिवार के सदस्य आतंकी हमले में घायल हुए दिल्ली के पांच लोगों में शामिल हैं। उनका जम्मू-कश्मीर के अस्पतालों में इलाज चल रहा है।
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उन्होंने बताया कि छह जून को वह दिल्ली से श्री शक्ति एक्सप्रेस में सवार होकर कटरा पहुंचे। सात जून को हम वैष्णो देवी मंदिर गए और आठ जून की देर रात अपने होटल के कमरे में लौट गए। उन्होंने कहा कि नौ जून को कटरा से शिव खोरी मंदिर के लिए बस में सवार हुए। मंदिर से लौटते समय बस पर हमला हुआ।
उन्होंने बताया कि वह बस के बीच में बैठे थे। बच्चे उनके गोद में थे। करीब छह बजे गोलियों की आवाजें आने लगी। 20-25 गोलियां चलीं। एक गोली हमारे ड्राइवर को लगी और बस अनियंत्रित हो गई।
बस हवा में घूमी और पहाड़ी इलाके में पत्थरों और पेड़ों में फंस गई। 20-25 मिनट तक इसी स्थिति में रहे, क्योंकि जब हम खाई में पड़े थे, तब कुछ और गोलियां चल रही थी। उन्होंने कहा कि वह इस भयावह घटना को कभी नहीं भूल पाएंगे।
पत्नी के साथ माता के दर्शन करने गए युवक की आतंकी हमले में मौत
माता के दर्शन करने गए हर्ष विहार दिल्ली निवासी युवक की आतंकी हमले में मौत हो गई। उसकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई। बेटे की मौत की सूचना से उनके घर में मातम पसरा हुआ है। मंगलवार आज मृतक सौरव का शव मिलन गार्डन स्थित उनके घर पहुंचेगा। घायल पत्नी का उपचार चल रहा है।
परिजनों ने बताया कि परिवार वाले सौरव का शव और घायल बहू शिवानी को लेने के लिए जम्मू गए हुए हैं। उनके ऊपर आतंकी हमले की जानकारी मिल गई थी। परिवार उनके सकुशल होने की कामना कर रहा था, लेकिन कुछ ही देर बाद सौरव की मौत की जानकारी मिली।
परिवार के लोगों ने घर की महिलाओं को सोमवार दोपहर तक सौरव की मौत की जानकारी नहीं दी थी। लेकिन जैसे ही मौत की जानकारी मिली तो परिवार के सदस्य के साथ साथ इलाके के लोग गमगीन हो गए। परिवार वालों ने बताया कि सौरव के परिवार में पिता कुलदीप गुप्ता, उनके भाई गौरव गुप्ता व बहन भावना है।
मां की मौत हो चुकी है। सौरव की गांधी नगर में कपड़े की दुकान थी। दो साल पहले सौरव की शिवानी से शादी हुई थी। शुक्रवार रात को दंपती ट्रेन से वैष्णो देवी का दर्शन करने के लिए गए थे। तब किसी को क्या पता था कि यह सौरव की अंतिम यात्रा साबित होगी।