जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय प्रशासन ने दिल्ली दंगों की आरोपी सफूरा जरगर के कैंपस में दाखिल होने पर रोक लगा दी है। जिसके बाद कुछ छात्रों ने उनके समर्थन में प्रदर्शन किया। रोक के बावजूद कैंपस में विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के मामले में जामिया ने कुछ छात्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
नोटिस में लिखा है कि प्रदर्शन में शामिल होने के लिए क्यों न आप पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। दरअसल यह पूरा मामला सफूरा जरगर से जुड़ा हुआ है। उक्त छात्र जामिया की ही छात्रा सफूरा जरगर के समर्थन में कैंपस में विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए थे, क्योंकि विश्वविद्यालय ने सफूरा समेत तीन पूर्व छात्रों को कैंपस आने पर रोक लगा दी है।
छात्रों ने बताया कि कुछ समय पहले जामिया के चीफ प्राक्टर ने नोटिस निकालकर तीन पूर्व छात्रों के कैंपस में आने पर रोक लगा दी थी। इसमें जामिया से एमफिल पासआउट छात्रा सफूरा जरगर, एमएमएजे एकेडमी ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज से उज्बेक में डिप्लोमा करने वाले मोहम्मद दानिश और बीए हिस्ट्री ऑनर्स के पूर्व छात्र मुबस्सहित बदर खान का नाम शामिल था।
इन पर छात्रों को भड़काने, शैक्षणिक कामकाज में बाधा , कैंपस का माहौल खराब करने के आरोप लगे थे। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जामिया के तीन पूर्व छात्रों के कैंपस आने पर रोक के फैसले के विरोध में छात्रों ने प्रदर्शन किया था। इसी प्रदर्शन में जो छात्र शामिल हुए।