अनंत की यात्रा पर निकले जैन मुनि तरुण सागर
जैन मुनि का जन्म सन 1967 में मध्य प्रदेश में हुआ था। उनकी मां का नाम शांतिबाई और पिता का नाम प्रताप चंद्र था। सन 1981 में ही उन्होंने अपना घर त्याग छत्तीसगढ़ में दीक्षा ली थी।
तरुण मुनि अपने बयानों को लेकर हमेशा चर्चा में रहते थे। उनके निधन से न सिर्फ जैन धर्म के लोगों में दुःख है, बल्कि ये समस्त देश की क्षति है।