शासन स्तर के अधिकारी जिले के पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों से लगातार पल पल की जानकारी ले रहे हैं। साथ ही इसका फीड बैक मुख्यमंत्री को भेजा जा रहा है। जानकारी के अनुसार प्रमुख सचिव गृह, डीजीपी, आईजी मेरठ, एडीजी जोन समेत तमाम अधिकारी डीएम रविन्द्र कुमार और एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। क्योंकि एसएसपी संतोष कुमार सिंह की माता के निधन के बाद वह छुट्टी पर गये हुए हैं। साथ ही पूरे मामले से उनको पल-पल अपडेट कराया जा रहा है। शासन स्तर के अधिकारी मामले का जल्द से जल्द पर्दाफाश करने का निर्देश दे रहे हैं। जिसके बाद से जिला प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है।
हादसे का शिकार हुई छात्रा सुदीक्षा भाटी की मौत के करीब 24 घंटे बाद मामला मीडिया की सुर्खियों में आने और वरिष्ठ अधिकारियों की फटकार के बाद इंस्पेक्टर औरंगाबाद सुभाष सिंह मौके पर पहुंचे और उन्होंने पुलिस कर्मियों के साथ आसपास के लोगों से पूछताछ की। लेकिन, कोई सफलता हासिल नहीं हो सकी। मंगलवार को डीएम रविन्द्र कुमार के घटनास्थल पर आने की सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी शीलेश गौतम के साथ इंस्पेक्टर सुभाष सिंह बाइक पर ही मौके पर पहुंचे। वहां झाड़ियों में चौकी प्रभारी को एक टूटा पड़ा चश्मा मिला है। देखने में किसी लड़की का लग रहा है। आशंका है कि घटनास्थल से मिला चश्मा सुदीक्षा का हो सकता है। ग्रामीणों ने बताया कि घटनास्थल के पास मृतका की चप्पल भी देखी गई थीं। लेकिन, बाद में पुलिस को चप्पल नहीं मिल सकी।
मंगलवार को मामले की छानबीन के लिए सीओ सिटी दीक्षा सिंह मौके पर पहुंचीं। सीओ सिटी ने घटना स्थल से लेकर पवसरा तिराहे तक करीब तीन किलोमीटर तक के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल डाली। सीओ को इस दौरान कस्बा पुलिस चौकी के सामने एक रेडिमेड की दुकान से फुटेज मिली है। उक्त फुटेज में दो युवक बुलेट बाइक पर जाते हुए दिख रहे हैं। पुलिस का मानना था कि घटना के मात्र पांच मिनट बाद उक्त बुलट घटना स्थल की ओर से आती हुई दिख रही है। जिस कारण पुलिस की जांच में उक्त बुलट सवारों की सीसीटीवी फुटेज को जांच में शामिल किया जा रहा है। पुलिस दोनों युवकों को चिन्हित करने में जुटी हुई है। सीओ सिटी ने मृतका के ननिहाल गांव माधोगढ़ पहुंचकर परिजनों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली है।
मंगलवार को थाना क्षेत्र के गांव चरौरा मुस्तफाबाद निवासी हेमंत शर्मा ने दावा किया कि वह घटना के चश्मदीद हैं। उनका एक वीडियो भी प्रशासन ने जारी किया है जिसमें वह घटना के बारे में बता रहे हैं। हेमंत शर्मा ने डीएम रविन्द्र कुमार, एसपी सिटी अतुल कुमार श्रीवास्तव और इंस्पेक्टर औरंगाबाद सुभाष सिंह को बताया कि वह घटना के वक्त चरौरा मुस्तफाबाद स्थित रजवाहे पर था। जिस समय यह वारदात हुई उस समय बुलेट सवार युवक छेड़छाड़ नहीं कर रहे थे। सामने की ओर से तेज गति से आ रहे ट्रक को ओवर टेक करने के दौरान पहले कार ने ब्रेक लगाये उसके बाद पीछे चल रही बुलेट ने इमरजेंसी ब्रेक ले लिए। स्पलेंडर पर चल रहे भाई-बहन से बाइक कंट्रोल न होने के कारण बुलेट में बाइक जा टकराई। जिसमें सुदीक्षा सिर के बल सड़क पर गिर गई थी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना से पहले यदि रास्ते में छेड़छाड़ की वारदात हुई है तो उन्हे इस बात का पता नहीं है।
स्कॉलर छात्रा सुदीक्षा भाटी की हादसे में मौत के बाद पुलिस ने मामले को चुनौती के रूप में लिया है। एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि घटना की सच्चाई का पता लगाने के लिए तीन टीमों का गठन किया गया है। जिसमें दो सीओ के साथ इंस्पेक्टर औरंगाबाद को लगाया गया है। एक सीओ को दादरी स्थित मृतका के गांव भेजा गया है। जिससे कि मामले में तहरीर ली जा सके। साथ ही मृतका के भाई से बुलेट सवार युवकों के हुलिया का पता किया जा सके। जबकि सीओ सिटी दीक्षा सिंह और इंस्पेक्टर सुभाष सिंह को गांव माधोगढ़ स्थित ननिहाल भेजा गया। दोनों ने यहां मामा से पूछताछ की है। फिलहाल पुलिस की एक टीम बुलेट सवार युवकों को चिन्हित करने में लगी हुई है।
पुलिस का दावा है कि जिस बाइक पर सुदीक्षा बैठी थी उसे उसके चाचा नहीं बल्कि भाई चला रहा था। पुलिस के दावे के मुताबिक सोमवार सुबह करीब 8.45 बजे यह हादसा हुअ, जबकि, सुबह 9 बजे और 9.15 बजे के आसपास मृतका सुदीक्षा के चाचा की फोन लोकेशन सिकंदराबाद क्षेत्र में आ रही थी। जो कि घटना स्थल से करीब 30 से 35 किलोमीटर की दूरी पर है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सड़क दुर्घटना के वक्त मृतका का भाई निगम भाटी साथ था। जबकि चाचा मौके पर नही थे। मृतका के भाई ने पुलिस से छेड़छाड़ की शिकायत नहीं की थी। मृतका के मोबाइल की सीडीआर निकलवाई जा रही है। प्रकरण से जुडे़ सभी लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कराई जा रही है। - रविंद्र कुमार सिंह, जिलाधिकारी