नई दिल्ली की भीड़भाड़ वाली खान मार्केट में एसिड हमले का शिकार हुई लक्ष्मी को अमेरिका ने प्रतिष्ठित ‘इंटरनेशनल वूमेन ऑफ द करेज अवॉर्ड’ के लिए चुना है।
एसिड हमलों के खिलाफ अभियान शुरू करने में भी लक्ष्मी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अमेरिकी विदेश विभाग में आठ मार्च को आयोजित समारोह में देश की प्रथम महिला मिशेल ओबामा, लक्ष्मी को यह सम्मान देंगी।
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2005 में लक्ष्मी खान मार्केट के बस अड्डे पर खड़ी थीं, जब उनके चेहरे पर तेजाब फेंका गया। उस समय वह 16 साल की थीं। हमला करने वाला उनके दोस्त का भाई निकला, जो लक्ष्मी को प्रेम जाल में फंसाना चाहता था, लेकिन इनकार करने पर उसने बदला लेने की ठानी।
अमेरिकी विदेश विभाग ने लक्ष्मी के साहस और बहादुरी की प्रशंसा की। विभाग ने बताया कि लक्ष्मी छिपकर नहीं रही, वह कैमरे के सामने आई। एसिड की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के लिए 27 हजार लोगों के हस्ताक्षर लिए और मामले को सुप्रीम कोर्ट ले गई।
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लक्ष्मी की अगुवाई वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों को तुरंत एसिड की बिक्री पर अंकुश लगाने का निर्देश दिया।
लक्ष्मी अब भी एसिड हमले की पीड़ित महिलाओं को मुआवजा दिलाने के साथ उनके पुनर्वास की लड़ाई लड़ रही हैं। पिछले साल दिल्ली गैंगरेप की शिकार निर्भया को यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिला था। लक्ष्मी के अलावा यह अवॉर्ड अफगानिस्तान, फिजी, माली, सऊदी अरब, यूक्रेन की महिलाओं को भी दिया जाएगा।