अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का 69वां राष्ट्रीय अधिवेशन सात से 10 दिसंबर को दिल्ली में होगा। इस दौरान बुराड़ी डीडीए ग्राउंड में इंद्रप्रस्थ टेंट सिटी बसेगी। चार दिवसीय आयोजन में देश के हर कोने से हरेक कैंपस से करीब 10 हजार विद्यार्थी पहुंचेंगे और राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, समसामयिक, भौगोलिक मुद्दों पर मंथन करेंगे।
बृहस्पतिवार को प्रेस क्लब में एबीवीपी के राष्ट्रीय महामंत्री याज्ञवल्क्य शुक्ल, राष्ट्रीय मंत्री हुश्यार सिंह मीणा, राष्ट्रीय मीडिया संयोजक आशुतोष सिंह, एबीवीपी के दिल्ली प्रदेश मंत्री हर्ष अत्री व दिल्ली प्रदेश सहमंत्री मीनाक्षी खनाल ने अधिवेशन का पोस्टर लॉन्च किया और इससे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को साझा किया। याज्ञवल्क्य शुक्ल ने बताया कि इस महत्वपूर्ण आयोजन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की 75 वर्षों की संगठनात्मक यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ावों से विद्यार्थियों को परिचित कराया जाएगा, छात्र आंदोलन में विद्यार्थी परिषद के योगदान को समझेंगे। राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका, राष्ट्रीय शिक्षा नीति, विश्वविद्यालयों में बढ़ती फीस, आपातकाल, जम्मू कश्मीर, बांग्लादेशी घुसपैठ, गांव की स्थिति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर मंथन करेंगे।
इसके लिए डीडीए ग्राउंड बुराड़ी में एक पूरा अस्थायी नगर बसाया जाएगा। इस पूरे नगर का नाम पांडवकालीन राजधानी रही इंद्रप्रस्थ नगर के नाम पर रखा गया है। इस नगर के मुख्य सभागार का नाम अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-सरकार्यवाह मदनदास देवी के नाम पर रखा जाएगा। परिसर के द्वार का नाम महाराज सूरजमल व सम्राट मिहिर भोज के नाम पर रखा जाएगा। डीडीए ग्राउंड में टेंट सिटी का निर्माण शुरू हो गया है।
5 नवंबर से शुरू होगी पूर्वोत्तर अध्ययन यात्रा
याज्ञवल्क्य शुक्ल ने कहा कि एबीवीपी अपनी संगठनात्मक यात्रा के 75वें वर्ष का जश्न भी मना रहा है। इस साल पूर्वोत्तर भारत के राज्यों का शेष भारत के युवाओं से गहराई से परिचय कराने के उद्देश्य से पांच नवंबर से पूर्वोत्तर अध्ययन यात्रा शुरू होने जा रही है, जिसमें देशभर के अलग-अलग राज्यों के 75 विद्यार्थी पूर्वोत्तर राज्यों की प्राकृतिक विविधता, पारिवारिक व सामाजिक संरचना का अध्ययन करेंगे। असम के गुवाहाटी से ये यात्रा शुरू होगी।
अधिवेशन का हर दिन होगा महत्वपूर्ण
हुश्यार सिंह मीणा ने बताया कि अधिवेशन के पहले दिन ध्वजारोहण होगा, दूसरे दिन इसका औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा। युवा पुरस्कार दिया जाएगा, जिसमें शिक्षा, संस्कृति को आगे लेकर जाने के लिए काम करने वाले युवा का चयन कर एक लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। इसके लिए प्रविष्टियां आनी शुरू हो गई हैं। अगले दिन अलग-अलग मुद्दों पर एबीवीपी के कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पेश किए जाएंगे।