भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव का असर न केवल दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों पर पड़ा है, बल्कि सार्क देशों के उद्यमियों की चिंता भी बढ़ने लगी है।
सार्क के सर्वोच्च व्यापारिक संगठन एससीसीआई (सार्क चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री) ने मतभेदों को दरकिनार कर एक बार फिर से व्यापारिक रिश्ते मजबूत करने की कवायद शुरू कर दी है।
लाहौर में होने वाले बिजनेस लीडर्स कांक्लेव को दो माह के लिए स्थगित कर दिया गया है, लेकिन सार्क देशों के बीच कारोबार बढ़ाने के लिए नवंबर और दिसंबर में आठ देशों के प्रतिनिधियों को एकजुट करने की तैयारी की जा रही है।
उड़ी में आतंकी हमले के बाद 9-10 नवंबर को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में होने वाले 19वें सार्क शिखर सम्मेलन में भारत ने शिरकत करने से इनकार कर दिया था।
इसके बाद बांग्लादेश, अफगानिस्तान, भूटान और श्रीलंका ने भी सार्क शिखर सम्मेलन में शामिल न होने का फैसला लिया। आठ देशों के इस बहुराष्ट्रीय मंच पर भी पांच देश पाकिस्तान के खिलाफ एकजुट हो गए। इसके बाद पाकिस्तान की तरफ से सार्क शिखर सम्मेलन को टालने का ऐलान कर दिया गया।
इससे ठीक पहले 4-6 नवंबर को लाहौर में होने वाले सार्क चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के बिजनेस लीडर्स कांक्लेव को दो महीने के लिए स्थगित कर दिया गया है। एससीसीआई के अध्यक्ष एवं नेपाल के उद्योगपति सूरज वैद्य ने मंगलवार को सभी सदस्य देशों के प्रतिनिधियों को इसकी सूचना दी, जिसमें पाकिस्तान सरकार को इस बारे में पत्र लिखकर अवगत कराने की बात कही गई है।
वैद्य ने अगले साल की शुरुआत में एक बार फिर लाहौर में मिलने का भरोसा एससीसीआई के सदस्यों को दिलाया है। हालांकि, आतंकवाद के खिलाफ भारत का रुख सख्त है। ऐसे में लाहौर में बिजनेस लीडर्स कांक्लेव होना नामुमकिन लग रहा है।
इसको ध्यान में रख एससीसीआई नेपाल में इसका आयोजन करेगा। एससीसीआई इससे पहले नवंबर और दिसंबर में सार्क के मौजूदा परिदृश्य और भविष्य की संभावनाओं पर मंथन के लिए सभी आठ देशों के प्रतिनिधियों को एकजुट करने की तैयारी कर रहा है। हालांकि, इन कार्यक्रमों की तारीख और स्थान अभी तय नहीं हो पाए हैं।