पटरी पर दौड़ते पशु यात्रियों के लिए खतरा
पटरी पर दौड़ते पशु रेल यात्रियों के लिए कई बार काल बन जाते हैं। वंदेभारत समेत कई ट्रेनें दुर्घटनाग्रस्त हो चुकी हैं। मिशन रफ्तार के तहत देश में ट्रेनों की गति बढ़ाने के लिए काम हो रहा है। नई दिल्ली-हावड़ा और नई दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर ट्रेनों की रफ्तार 130 से बढ़ाकर 160 किलोमीटर प्रतिघंटा करने का लक्ष्य है। सेमी हाई स्पीड वंदे भारत ट्रेन भी चलाई जा रही है, लेकिन पटरी पर घूमते पशु मिशन रफ्तार में बड़ी बाधक बन रहे हैं।
ट्रैक पर पशुओं के आने की वजह
ट्रेन में तैनात खानपान और सफाई कर्मचारी पटरियों पर कचरा फेंक देते हैं। इसे रोकने के लिए अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने और दोषी पाए जाने पर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश है। पटरी के आसपास घास उग आने से भी पशु आ जाते हैं। स्टेशन के आसपास और अन्य स्थानों पटरी व आसपास पानी जमा होने से भी प्यास बुझाने पशु पहुंच जाते हैं। इसी तरह कई स्थानों पर स्थानीय निकाय व अन्य लोग पटरी पर या उसके आसपास कचरा फेंकते हैं जिससे जानवर वहां भोजन की खोज में पहुंचते हैं।
संवेदनशील स्थानों की पहचान की
संवेदनशील स्थानों पर पटरियों पर पशुओं के मारे जाने की घटनाओं को रोकने के लिए रेलपथों के साथ-साथ बाड़ की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। कुल 139 संवेदनशील स्थानों में से 22 की पहचान की गई है। यहां पिछले 10 वर्षों में ऐसी दुर्घटनाएं ज्यादा हुई हैं। नई दिल्ली–हावड़ा और नई दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर गति सीमा 130 किलोमीटर प्रतिघंटा से बढ़ाकर 160 की जानी है। उत्तर रेलवे अपने उपयोगकर्ताओं को सुरक्षित, सुगम और बेहतर सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। समीक्षा बैठक में इन कार्यों की प्रगति का जायजा लिया गया। - शोभन चौधरी, महाप्रबंधक उत्तर रेलवे