दिल्ली-आगरा रूट पर गतिमान ट्रेन दौड़ने को तैयार है। रेलवे प्रशासन रेल सेफ्टी कमिश्नर की हरी झंडी मिलने के साथ अब तक की सबसे तेज गति से चलने वाली इस ट्रेन को चलाने की तैयारी में जुटा है।
दिल्ली आगरा के बाद यह ट्रेन दिल्ली-कानपुर, दिल्ली-चंडीगढ़, नागपुर-सिकंदराबाद और अहमदाबाद-मुंबई के बीच भी चलेगी। दिल्ली-आगरा के बीच इसका ट्रायल रन चार बार किया जा चुका है।
बुलेट ट्रेन चलने में भले ही अभी वक्त लगे लेकिन रेलवे ने देश की सबसे पहली सेमी हाईस्पीड ट्रेन जल्द चलाने का निर्णय ले लिया है।
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गतिमान नाम की इस ट्रेन को रेल सेफ्टी कमिश्नर से बतौर पायलट प्रोजेक्ट चलाने की अनुमति कुछ सुधार के साथ देने की बात की है।
दरअसल, रेल प्रशासन ताजनगरी के लिए जिस सेमी हाईस्पीड ट्रेन का परिचालन शुरू करने वाला है उसके कोच को चीते के रंग में रंगा जा रहा है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ट्रेन की स्पीड चीते जैसी होने का संदेश देने के लिए इसके कोच को चीते जैसा लुक दिया जा रहा है।
पूर्व में शताब्दी एक्सप्रेस के कोच के साथ गतिमान ट्रेन का चार बार ट्रायल किया गया था। इसमें सुरक्षा आयुक्त ने कई सुझाव दिए थे।
अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) ने 160 किलोमीटर प्रतिघंटे की स्पीड से इस ट्रेन को चलाने के पहले जरूरी एहतियात बरतने के निर्देश दिए थे।
कहा गया था कि स्थायी और अस्थायी स्पीड का निरीक्षण कर मुआयना किया जाए। कैटल गार्ड युक्त ट्रैक होना चाहिए।
ट्रैक 160 किलोमीटर प्रतिघंटे की स्पीड के घनत्व क्षमता वाला होना चाहिए। हर चार महीने पर ट्रैक की स्थिति का जायजा लेना आवश्यक है। आटोमेटिक सिग्नल होना चाहिए।