परिसीमन के बाद वर्ष 2008 में गठित फरीदाबाद एनआईटी विधानसभा सीट पर पहली बार निर्दलीय शिवचरण लाल शर्मा और दूसरी बार इनेलो की टिकट पर लड़े नगेंद्र भड़ाना विधायक बने थे। भाजपा और कांग्रेस को दोनों बार ही मुंह की खानी पड़ी। इस बार फिर से इस सीट पर त्रिकोणीय मुकाबले के आसार बन रहे हैं।
इस सीट पर गुर्जर और पंजाबी मतदाताओं के अलावा पूर्वांचली मतदाताओं की संख्या भी काफी अधिक है। फरीदाबाद एनआईटी विधानसभा क्षेत्र में कॉलोनियों की संख्या काफी है। ऐसे में यहां पर समस्याएं भी वैसी ही हैं। सीवर जाम, पीने का पानी, गंदगी के ढेर, टूटी सड़कें आदि बुनियादी सुविधाओं के लिए ही लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
एनआईटी सीट पर इस बार भी चुनाव रोचक होने की संभावना है। कांग्रेस ने जहां पूर्व मंत्री शिवचरण लाल शर्मा के पुत्र नीरज शर्मा को मैदान में उतारा है तो इनेलो को अलविदा बोल हाल ही में भाजपा में शामिल हुए विधायक नगेंद्र भड़ाना को टिकट देकर उन पर विश्वास जताया है। वहीं, भाजपा के पूर्व विधायक चंदर भाटिया भी इस बार इस सीट पर निर्दलीय अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
पूर्वांचलियों को रिझाने के लिए आम आदमी पार्टी से संतोष कुमार यादव भी एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए हैं, मगर ऊंट किस करवट बैठेगा, यह तो 24 अक्तूबर को ही पता चलेगा। एनआईटी विधानसभा क्षेत्र से इस बार 21 लोगों ने नामांकन भरा था, इनमें से तीन का नामांकन रद्द हो गया। ऐसे में अब इस सीट पर 18 उम्मीदवार मैदान में हैं।
त्रिकोणीय मुकाबले के आसार
फरीदाबाद एनआईटी सीट से कांग्रेस ने हुडा सरकार में मंत्री रहे स्व. शिवचरण लाल शर्मा के बेटे नीरज को टिकट दिया है, जबकि भाजपा से नगेंद्र भड़ाना मैदान में हैं। वहीं, पूर्व विधायक चंदर भाटिया की भी इस सीट पर काफी अच्छी पकड़ है। नीरज शर्मा अपने पिता पूर्व मंत्री द्वारा क्षेत्र में करवाए गए विकास कार्यों के आधार पर जनता के बीच जा हैं, वहीं नगेंद्र भड़ाना यहां से मौजूदा विधायक हैं और अपने द्वारा करवाए गए कार्यों को जनता के समक्ष रख रहे हैं। वहीं निर्दलीय प्रत्याशी पूर्व विधायक चंदर भाटिया का भी इस सीट पर काफी दबदबा है और वे अपने पुराने कार्यों का हवाला देते हुए जनता से वोट मांग रहे हैं।