आयकर विभाग की रेंज टीम की रातभर चले सर्वे में करोड़ों की काली कमाई पकड़ी गई है। टीमों ने जरूरी रिकार्ड लेकर विशेषज्ञों की टीम गठित की हैं। इस सर्च से खुलासा हुआ कि साड़ी और लोहा कारोबारी कर चोरी कर अफसरों को गुमराह कर रहे थे।
आयकर विभाग की रेंज टीमों ने सोमवार सुबह शहर में करीब 18 स्थानों पर सर्वे आपरेशन शुरू किया था। इनमें पालकी साड़ी, उर्वशी साड़ी और श्री नाथ इस्पात लिमिटेड के यहां अघोषित आय का खुलासा हुआ।
अफसरों के अनुसार श्री नाथ इस्पात लिमिटेड सालाना दो करोड़ की आय दिखाकर टैक्स भुगतान कर रहे थे, जबकि सर्वे में इनकी कई गुणा ज्यादा मिली है।
बिल की बजाय ज्यादातर काम कच्चे कागज पर चल रहा था। सूरत और बनारस से आने वाले माल के पक्के बिल इनके पास नहीं थे। ग्राहकों को भी कच्चे पर्चे पर ही बिक्री की जा रही थी।
ऐसे में उपभोक्ताओं को जो साड़ी पांच-दस हजार की दी जा रही थी, वह आयकर रिकार्ड में 100-200 रुपये की दिखाई जा रही थी।
आयकर अफसरों का मानना है कि उर्वशी व पालकी साड़ी कारोबारी अपनी आमदनी के करीब 10-15 फीसदी धनराशि को ही दर्शा रहे थे। करीब चार करोड़ की अघोषित आय का अनुमान है। टीम प्रभारी अधिकारी ने बताया कि सर्वे आपरेशन सुबह तीन बजे तक चला है।