इस मौके पर उपराज्यपाल ने कहा कि इस लैब को रिकार्ड समय में बनाया गया है। इसके शुरू होने के बाद जांच में तेजी आएगी। आधुनिक सुविधाओं से लैस इस लैब में हर सुविधा दी गई है। साथ ही गांधीनगर की फोरेंसिक लैब के सहयोग से आने वाले दिनों में लंबित मामलों को जल्द से जल्द निपटाने की दिशा में काम करेगी। कैलाश गहलोत ने कहा कि यह लैब फोरेंसिक क्षमताओं को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण छलांग है। यह प्रयोगशाला भविष्य में आधुनिक सुविधाएं प्रदान करेगी। इसकी मदद से जांच में तेजी आएगी। साथ ही गुणवत्ता के साथ विश्वसनीय फोरेंसिक सेवाएं मिलेगी। यह लैब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त संस्थान है।
यह भवन 59 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ है। इसकी निर्माण परियोजना दो जनवरी, 2020 को शुरू हुई थी। यहां पर नारी शक्ति के योगदान को स्वीकार करने और सम्मान देने के लिए समर्पित एक वसुधा कक्ष बनाया गया है। साथ ही इसमें एनेक्सी बिल्डिंग, मुख्य भवन से जुड़ी एक वातानुकूलित संरचना है।
ये सुविधाएं मिलेंगी
- मॉडर्न नारकोटिक ड्रग (एनडीपीएस) लैब
- उन्नत डीएनए परीक्षण (डीएनए) लैब
- उन्नत साइबर (साइबर फोरेंसिक) लैब
- अत्यधिक उन्नत विष विज्ञान प्रयोगशाला
- राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के प्रशिक्षुओं, राष्ट्रीय रक्षा अधिकारियों और प्रयोगशाला कर्मियों के लिए अलग मंजिल