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'न्योता देकर खरीद-फरोख्त को बढ़ावा देंगे उपराज्यपाल'

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दिल्ली में भाजपा सरकार बनाने की चर्चाओं के बीच आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक नया सियासी दांव चला है। केजरीवाल ने बृहस्पतिवार को ट्वीट कर कहा कि उपराज्यपाल नजीब जंग को किसी भी पार्टी के विधायकों की संख्या देखे बगैर सरकार बनाने के लिए आमंत्रित नहीं करना चाहिए।
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अगर एलजी किसी ऐसी पार्टी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करते हैं, जिसके पास संख्या बल नहीं है, तो वे भी खरीदफरोख्त को बढ़ावा देंगे। ऐसी स्थिति में एलजी को भाजपा से उन विधायकों की लिस्ट मांगनी चाहिए, जो उन्हें समर्थन दे रहे हैं।

वहीं, बृहस्पतिवार सुबह गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने दिल्ली में भाजपा के सरकार बनाने को लेकर कोई जानकारी न होने की बात कही।

क्या उपराज्यपाल पर कोई दबाव है?

अरविंद केजरीवाल ने सवाल पूछते हुए कहा कि जब भाजपा एक बार दिल्‍ली में सरकार बनाने से मना कर चुकी है, तब भी एलजी उन्हें सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करेंगे?

केजरीवाल ने हाल ही में भाजपा के राज्यपालों पर लिए गए ‌एक्‍शन की ओर इशारा करते हुए पूछा कि क्या एलजी पर किसी तरह का कोई दबाव है?

केजरीवाल के इस सियासी बयान के बाद एक नई बहस शुरू हो सकती है। गौरतलब है कि केजरीवाल इससे पहले भाजपा पर अपने विधायकों के खरीदने की कोशिश करने का आरोप लगा चुके हैं।

भाजपा कर चुकी है सरकार बनाने की पूरी तैयारी

एक तरफ केजरीवाल दिल्ली में फिर से चुनाव करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ भाजपा ने दिल्ली में सरकार बनाने के संकेत दिए हैं। जगदीश मुखी मुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं। बताया जा रहा है कि दूसरे दलों के कुछ विधायक भाजपा का समर्थन करने को राजी हो गए हैं।

भाजपा को अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हरी झंडी का इंतजार है। मोदी अभी विदेश दौरे पर हैं। उनके लौटने पर सरकार बनाने की पहल होगी।

पार्टी के विधायकों और सांसदों के साथ दो दिन से चल रही बैठक के बाद भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने साफ किया कि उपराज्यपाल अगर सरकार बनाने का न्योता देते हैं तो भाजपा इसके लिए तैयार है।
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ये है सरकार बनाने का नया ‌गणित

तीन विधायकों के सांसद चुने जाने के बाद दिल्ली विधानसभा में फिलहाल भाजपा और शिरोमणि अकाली दल के एक सदस्य को मिलाकर 29 तथा आम आदमी पार्टी के 27 विधायक हैं। आठ विधायक कांग्रेस से हैं। आप के सत्ता छोड़ने के बाद पिछले पांच महीने से विधानसभा निलंबित है।

भाजपा विधायकों समेत आप और कांग्रेस के भी बहुत से विधायक फिर से चुनाव में जाने को फिलहाल तैयार नहीं हैं। फिलवक्त विधानसभा में 67 सदस्य हैं। भाजपा सरकार बनाने का दावा करती है तो बहुमत जुटाने के लिए उसे पांच विधायकों के समर्थन की जरूरत है। इसके लिए भाजपा नेताओं की कांग्रेस और आप विधायकों के साथ कई गुप्त बैठकें हो चुकी हैं।

सूत्रों के अनुसार, भाजपा में सरकार बनाने की कवायद कर रहे एक धड़े ने छह विधायकों को समर्थन के लिए राजी कर लिया है। वहीं आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि आप के किसी विधायक को खरीदने में फेल हुई भाजपा अब कांग्रेस के छह विधायकों की खरीद-फरोख्त का प्रयास कर रही है।
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